हम सबने अपने स्कूल में प्यूबर्टी (Puberty) के बारे में पढ़ा है. ये वो समय होता है, जब बच्चों के शरीर में बदलाव होने शुरू होते हैं. जैसे लड़कों की आवाज भारी होने लगती है, चेहरे पर मूंछे आनी शूरू हो जाती हैं. वहीं लड़कियों में पीरियड्स आने शुरू हो जाते हैं. और भी कई बदलाव होते हैं. आमतौर पर लड़कियों में 11 से 14 साल की उम्र के बीच और लड़कों में 12 से 16 साल की उम्र के बीच प्यूबर्टी की शुरुआत हो जाती है.
लड़कियों को जल्दी पीरियड्स और लड़कों को समय से पहले मूंछे क्यों आ रही हैं?
अगर ऐसा हो रहा है तो बड़ी दिक्कत की बात है.

लेकिन कई बार बच्चों में समय से पहले भी प्यूबर्टी शुरू हो जाती है. और हाल ही में हमें सेहत पर दो मेल आए, जिसमें इसी समस्या का जिक्र था. दोनों व्यूअर्स की रिक्वेस्ट पर हमने उनके नाम बदल दिए हैं. पहला मेल दिल्ली से आया शिवानी का. शिवानी का कहना है कि कुछ महीनों से उनकी 7 साल की बेटी की बॉडी में प्यूबर्टी जैसे लक्षण दिख रहे हैं. इतनी कम उम्र में ऐसा होने पर वो चिंता में पड़ गईं. ऐसा ही कुछ जयपुर के राकेश के 8 साल के बेटे के साथ भी हुआ. दोनों ही मामलों में डॉक्टर्स ने जांच कर बताया कि बच्चों को 'प्रीकॉशियस प्यूबर्टी' (Precautious puberty) हो रही है. यानी समय से पहले ही उन्हें 'प्यूबर्टी' शुरू हो गई है.
और ये सिर्फ दो मामले नहीं हैं. हाल के समय में काफी बच्चों में समय से पहले प्यूबर्टी शुरू होने के मामले सामने आ रहे हैं. शरीर में हो रहे इन बदलावों को बच्चे समझ नहीं पाते. इस वजह से उन्हें कई तरह की परेशानियां भी होती हैं. तो 'प्रीकॉशियस प्यूबर्टी' किस वजह से शुरू होती है और क्या इसका इलाज मुमकिन है? सबकुछ डॉक्टर से जानते हैं.
ये हमें बताया डॉक्टर सात्विका डे ने.

5 से 10 हजार बच्चों में से किसी एक को ही जल्दी 'प्यूबर्टी' शुरू होती है. इसे 'प्रीकॉशियस प्यूबर्टी' (Precocious Puberty) कहते हैं. लड़कों के मुकाबले लड़कियों में जल्दी प्यूबर्टी शुरू होने मामले ज्यादा हैं. जहां 10 लड़कियों को जल्दी प्यूबर्टी आ रही है, वहीं एक लड़के के साथ ऐसा हो रहा है. जल्दी प्यूबर्टी शुरू होने के दो कारण हो सकते हैं- सेंट्रल और पेरीफेरल. सेंट्रल यानी दिमाग. दिमाग में मौजूद पिट्यूटरी (Pituitary) और हाइपोथैलेमस (Hypothalamus) ग्रंथि से निकलने वाले हॉर्मोन ज्यादा बढ़ जाएं तो ये समस्या हो सकती है. पेरीफेरल कारणों में एडर्नल ग्रंथि (Adrenal Gland), लड़कियों की ओवरी और लड़कों के अंडकोष से ज्यादा हॉर्मोन निकलने से जल्दी 'प्यूबर्टी' शुरू हो सकती है.
> आजकल जल्दी 'प्यूबर्टी' शुरू होने के मामले ज्यादा बढ़ गए हैं.
> ऐसा क्यों हो रहा है, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है.
> विशेषज्ञों का कहना है कि इसका कारण मोटापा, स्ट्रेस, केमिकल्स और फिज़िकल एक्टिविटी में कमी हो सकती है.
शारीरिक विकास पर क्या असर पड़ेगा?> जल्दी प्यूबर्टी शुरू होने से बच्चों की बॉडी का विकास नहीं हो पाता
> समय से पहले हॉर्मोन्स रिलीज होने की वजह से हड्डियों का विकास नहीं हो पाता, इस कारण से बच्चों की हाइट नहीं बढ़ पाती.
> इस वजह से बच्चों को सामाजिक और मानसिक स्तर पर समस्या हो सकती है.
> बच्चे सेक्शुअल अब्यूज़ के शिकार हो सकते हैं.
> साथ ही लड़कियों में 'अर्ली प्रेगनेंसी' का खतरा भी हो सकता है.
इलाज> 'प्रीकॉशियस प्यूबर्टी' का इलाज इसके कारणों का पता लगाकर किया जाता है.
> सबसे पहले बच्चों की हड्डियों की उम्र की जांच की जाती है.
> इसके लिए बच्चे की बाईं कलाई की हड्डी का एक्स-रे किया जाता है. ताकि बच्चे की वास्तविक उम्र और हड्डियों की उम्र में अंतर पता लगाया जा सके.
> इसके अलावा MRI, हॉर्मोन टेस्ट जैसे LH और FSH, एस्ट्राडियोल टेस्ट, टेस्टोस्टेरॉन टेस्ट और GNRH स्टिमुलेशन टेस्ट किए जाते हैं.
> जल्दी प्यूबर्टी को रोकने के लिए हर महीने बच्चे को 'GNRH एनालॉग' इंजेक्शन लगाया जाता है.
> इस इंजेक्शन को बच्चे के सही प्यूबर्टी की उम्र तक पहुंचने तक लगाया जाता है. इसके बाद ये इंजेक्शन बंद कर दिया जाता है और बच्चे की नॉर्मल प्यूबर्टी शुरू हो जाती है.
'प्रीकॉशियस प्यूबर्टी' क्या होती है और इसका इलाज क्या है, ये आपने डॉक्टर से जान लिया. अगर माता-पिता को ऐसा लगता है कि उनके बच्चे में समय से पहले प्यूबर्टी के निशान दिख रहे हैं, तो तुरंत किसी पीडियाट्रिशियन या गायनेकोलॉजिस्ट को दिखाएं. क्योंकि अगर 'प्रीकॉशियस प्यूबर्टी' का समय पर इलाज नहीं हुआ, तो बच्चों का शारीरिक विकास नहीं हो पाएगा.
(यहां बताई गईं बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
वीडियो: सेहत: बच्चों की हाइट कम, लड़कों की जल्दी मूंछे आना कहीं प्रीकोशियस प्यूबर्टी तो नहीं वजह ?











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