“पापा दुकान पर बैठे थे. शराब पीए हुए थे. मम्मी पापा को मारते हुए घर लेकर आई और कमरे में बंद कर दिया. मामा को भी आवाज देकर बुलाया और बोली कि आज इसका इलाज करते हैं. फिर पापा के हाथ पैर रस्सी से बांध दिए. इसके बाद मामा और मम्मी पापा को पीटने लगे. पूरे कमरे में खून फैला हुआ था. पापा चिल्ला रहे थे. मगर मम्मी गुस्से में थी. वो फसल काटने वाली दांतली लाई और पापा को मार दिया.”इसके बाद रेणु और उसके भाई को गिरफ्तार किया गया. कोर्ट की सुनवाई में बच्ची ने सेशन जज ज्ञान प्रकाश गुप्ता की बेंच के सामने भी जो कुछ देखा था, सब बता दिया. इस बयान के आधार पर रेणु को आजीवन कारावास और उसके भाई को 10 साल की सजा हुई है. जज ने बच्ची को दो लाख रुपये देने का भी आदेश दिया है. राजस्थान में इस वक्त ये खबर चर्चा का विषय बनी हुई है. लोग बच्ची की हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं कि उसने अपनी मां से डरे बिना अपने पिता को इंसाफ दिलवाया.
10 साल की बच्ची ने सच बोलने की हिम्मत दिखाकर मां को दिलवाई उम्रकैद
बच्ची की हिम्मत के लिए लोग उसकी प्रशंसा कर रहे हैं
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सांकेतिक तस्वीर.
राजस्थान के सीकर जिले में एक 10 साल की बच्ची का बयान हत्या की आरोपी उसकी मां और मामा को सजा दिलाने की वजह बन गया. इन दोनों पर बच्ची के पिता की हत्या का आरोप था. खबर के मुताबिक, बच्ची के बयान के आधार पर मां को उम्रकैद और मामा को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई गई है. मामला क्या है? हत्या की घटना 18 जून, 2017 की है. सीकर जिले के देवलानाड़ा गांव में कन्हैया लाल उर्फ राजू गुर्जर अपनी पत्नी रेणु और बच्चों के साथ रहता था. कन्हैया लाल को शराब की लत थी. इससे रेणु परेशान थी. एक रात जब कन्हैया शराब के नशे में धुत्त था, तब रेणु ने अपने भाई के साथ मिलकर उन्हें खूब पीटा. पीटने के बाद फसल काटने वाले औजार से वार कर उनकी हत्या कर दी. इसके बाद रेणु ने कन्हैया लाल के भाइयों पर उनकी हत्या का आरोप लगा दिया. लेकिन रेणु की 10 साल की बेटी ने पूरी घटना खिड़की से देख ली थी. इंडिया टुडे के शरत कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी. उसने बताया,
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