लोकसभा में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू की. गौरव गोगोई ने की, राहुल गांधी ने नहीं. जबकि तय तो था कि विपक्ष की तरफ़ से राहुल ही बहस को खोलेंगे. लेकिन आख़िरी पांच मिनट में चिट्ठी गई और सीक्वेंस बदल दिया गया. जो सवाल गोगोई ने उठाए, मोटा-माटी विपक्ष ने पूरे मॉनसून सत्र के दौरान इन्हीं बयानों के साथ हंगामा काटा.
दी लल्लनटॉप शो: मणिपुर पर विपक्ष ने पूछा PM मोदी क्यों नहीं बोले, BJP ने कहा- 'राहुल गांधी अब बोल ही नहीं पाएंगे'?
राहुल की स्पीच ऐन मोमेंट पर क्यों कैंसिल हुई?
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'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन से मणिपुर के हालात पर बोलें!' इसी एक वाक्य को कभी अस, तो कभी जस - कभी इसने, कभी उसने बोला. संसद के अंदर से भी, बाहर भी. और, विपक्ष ने साफ़ तौर पर कहा भी है कि अविश्वास प्रस्ताव लाने का एक्कै मक़सद भी यही था.. कि प्रधानमंत्री बोलें.
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