मुजफ्फरनगर की घटना के बाद ट्विटर पर एक और वीडियो वायरल हो रहा है. यूट्यूब पर एक इन्फ्लुएंसर ने एक वीडियो शेयर किया था. इसमें उसने अनुसूचित जातियों (SC) का मजाक उड़ाया और उन्हें नीचा दिखाया है. साथ ही इस वीडियो में डॉ. भीमराव आंबेडकर का भी मज़ाक उड़ाया गया है. ये वीडियो जैसे ही ट्विटर तक पहुंचा, बनाने वाले ने माफ़ी मांग ली. हालांकि, उसपर अब भी कार्रवाई हो सकती है. जिसने ये वीडियो पोस्ट किया, वो ‘Char Scar’ नाम से यूट्यूब चैनल चलाता है. ट्विटर पर अशोवजीत सिंह नाम से अकाउंट है.
दलितों और आंबेडकर पर घटिया वीडियो बनाया, बाद में माफी मांगी, पर जाना पड़ सकता है जेल!
वीडियो में यूट्यूबर ने दलितों के लिए अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया है.
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वीडियो में क्या है, पहले आपको वो बता देते हैं. इससे बाकी की कहानी खुद-ब-खुद साफ़ हो जाएगी. वीडियो में लड़का सोकर उठता है और आंबेडकर की 132वीं जयंती मनाने की बात कहता है. इसके बाद वो कहता है,
“ऐसे में मैंने खाई जनरल वालों की सीट, और फिर बैठ गया छोटा भीम देखने. फिर मैं निकल गया घंटी लेकर दौड़ने. घंटी की आवाज़ सुनकर सारे लोग दूर भागने लगे. ताकि कोई मुझे छू न ले. गलती से मेरी नज़र पड़ गई सरपंच की बेटी पर. सज़ा के रूप में पंचायत ने मुझसे लगवाए 100 दंड…”
इसके बाद अशोवजीत कुछ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए अनुसूचित जातियों को नीचा दिखाने की कोशिश करता है. आगे वो टायर के पंचर लगाने और पड़ोसियों के लैट्रिन साफ़ करने की बात कहता है. फिर वो संविधान पढ़ने बैठता है और कहता है,
"ओह सॉरी, मुझे तो पढ़ना ही नहीं आता. वैसे भी पढ़ने की क्या जरूरत, सेलेक्शन तो हो ही जाएगा."
वीडियो के अंत में वो एक ड्रेन को साफ करता है. जाहिर है, ये सब उसने एक समुदाय विशेष का मजाक उड़ाने के लिए किया.
ट्विटर पर प्रियंका देशमुख नाम की एक यूज़र ने इस वीडियो को पोस्ट किया. उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) और उसके चेयरमैन विजय संपला को टैग कर गिरफ्तारी की मांग की. प्रियंका ने लिखा,
“कृपया इस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई कीजिए. समुदाय तब तक नहीं रुकेगा जब तक इसको गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता. इसका नाम अशोवजीत है. जाति के आधार पर किए गए गुनाहों को अब सहा नहीं जाएगा. #ArrestAshovjeet को ट्रेंड करवाना चाहिए.”
लगभग एक घंटे के भीतर ही अशोवजीत का माफी मांगते हुए जवाब भी आया. उसने लिखा,
“सॉरी दीदी. मुझे ये करने का पछतावा है. छोटा भाई समझ कर माफ़ कर दीजिए. ये मेरी जिंदगी का सवाल है. मैं सिंगल चाइल्ड हूं. मैं भेदभाव नहीं करता. मेरे सबसे अच्छे दोस्त भी एससी हैं और मुझे जानकारी नहीं थी कि ये ऑफेंसिव है. इंसान हूं, गलती हुई. माफ़ी मांगी, पछतावा है.”
प्रियंका देशमुख ने इसके जवाब में लिखा,
“तुम रेवाड़ी पुलिस को कब सरेंडर कर रहे हो? ये कोई सिविल विवाद नहीं है. आपने जो किया, वो आपराधिक जुर्म है. हरियाणा पुलिस की ड्यूटी है कि वो स्वत: संज्ञान ले और आपके खिलाफ FIR दर्ज करे. अगर वो ऐसा नहीं करती है, तो भीम आर्मी के मुखिया (चंद्रशेखर आजाद) वहां पहुंच जाएंगे. सरेंडर करोगे तो सज़ा कम पाओगे, वर्ना…”
इसके बाद हमने अशोवजीत का यूट्यूब चैनल खंगाला. उन्होंने ये वीडियो डिलीट कर दिया है. साथ ही इंस्टाग्राम पर माफी भी मांगी है. एक वीडियो में वो कह रहे हैं,
“मैंने जो वीडियो अपलोड किया था वो डिलीट कर दिया है, क्योंकि कुछ लोगों की भावनाएं आहत हुई थी. लोगों को वीडियो पसंद नहीं आया, लोगों ने कॉमेंट किया और मुझे भी बहुत बुरा फील हो रहा है. मैं जानता हूं मैंने जो किया, गलत किया. मेरा इंटेंशन किसी को हर्ट करना नहीं था. मेरा काम है लोगों को हंसाना. कभी-कभी गलती हो जाती है इंसान से. इसलिए मैंने अपनी गलती को सुधार लिया है. मुझे खेद है. जिनको बुरा लगा, मैं उनकी इज़्ज़त करता हूं. उस वीडियो में जो भी था वो गलत था. मुझे बाद में समझ आया ये. मैं सबकी इज़्ज़त करता हूं. कृपया आप लोग अपने-अपने ट्वीट्स डिलीट कर दें."
बता दें, अशोवजीत ने भले माफी मांग ली है, लेकिन SC ST Act के तहत उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है. हालांकि, ख़बर लिखे जाने तक पुलिस की तरफ से कोई अपडेट नहीं आया है.
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