बीते 4 सितंबर, 2022 को टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री (Cyrus Mistry) का सड़क दुर्घटना में निधन हो गया. ये हादसा महाराष्ट्र के पालघर में चरोटी के पास सूर्या नदी पर बने पुल पर हुआ. उनकी कार मर्सिडीज बेंज GLC 220D डिवाइडर से टकरा गई, जिसमें उनकी जान चली गई. गाड़ी में कुल चार लोग मौजूद थे. उनकी मर्सिडीज बेंज GLC 220D कार को 2015 के यूरो NCAP टेस्ट में 5 स्टार रेटिंग मिली थी.
जानें कितनी सेफ थी साइरस मिस्त्री की 73 लाख रुपये में मिलने वाली कार
टाटा के पूर्व चेयरपर्सन साइरस मिस्त्री का चार सितंबर को सड़क हादसे में निधन हो गया. वो जिस कार में सफर कर रहे थे, वो सबसे सुरक्षित कारों में से एक बताई जाती है.


साइरस मिस्त्री, मर्सिडीज बेंज के 2018 के मॉडल GLA220D कार में सफर कर रहे थे. कारवाले डॉट कॉम से मिली जानकारी के मुताबिक, साल 2018 में ये कार मुंबई में ऑन रोड करीब 63 लाख रुपये की मिल रही थी. आज मुंबई में इस कार का ऑन रोड प्राइस करीब 73 लाख रुपये है. उनकी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर MH 47 AB 6705 है, जिसे मई 2018 में रजिस्टर कराया गया था. उनकी मर्सिडीज बेंज GLC220D कार का फिटनेस मई 2033 में एक्सपायर हो रहा है.
किन फीचर्स से लैस थी साइरस की कार?साइरस जिस मर्सिडीज बेंज कार से सफर कर रहे थे, वो मर्सिडीज बेंज GLC220D कार 1950cc के om654 टर्बोचार्ज्ड i4 इंजन से लैस है. जिसकी टॉप स्पीड 215Kmph है. ये कार लगभग 9 सेकेंड में 0 से 100 की स्पीड पकड़ सकती है. इंजन 3800rpm पर 192 ब्रेक हार्स पॉवर जनेरेट(bhp) करता है. ये कार 1600 रोटेशन प्रति मिनट पर 400 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करती है.
मर्सिडीज बेंज GLC220D कार में पीछे मिडिल थ्री पॉइंट सीटबेल्ट के साथ सीट बेल्ट वार्निंग भी मौजूद है. गाड़ी के 80Kmph से अधिक स्पीड पकड़ने पर सिंगल बीप और 120Kmph से अधिक स्पीड पकड़ने पर गाड़ी लगातार वार्निंग बीप देने लगती है. मर्सिडीज बेंज GLC220D कार को 2015 में अडल्ट आक्यूपेंट प्रोटेक्सन में 95% स्कोर और चाइल्ड सेफ्टी में 89% स्कोर के साथ यूरो NCAP(New Car Assessment Programme) रेटिंग में 5 स्टार मिले थे.
गाड़ी में कुल सात एयरबैग्स हैं. ड्राइवर सीट, पैसेंजर सीट, दो कर्टेन, एक ड्राइवर नी और एक फ्रंट पैसेंजर साइड पर एयरबैग्स मौजूद हैं. साथ ही गाड़ी में टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) मौजूद हैं. मर्सिडीज का दावा है की उन्हे ये रेटिंग एक्टिव और पैसिव सेफ्टी के परफेक्ट तालमेल से मिली है. साथ ही कंपनी का कहना है कि उन्होने GLC को रोजाना होने वाले एक्सीडेंट्स को ध्यान में रखकर बनाया है. कंपनी का कहना है कि उसकी रिसर्च टीम ने इस बात का खासा ध्यान रखा है कि ऐसे हादसे टाले जा सकें.
(ये स्टोरी हमारे साथ इंटर्नशिप कर रहे आर्यन ने लिखी है.)
वीडियो- कौन थे साइरस मिस्त्री जिनपर रतन टाटा की कंपनी ने लगाया था जानकारी लीक करने का आरोप?ं




















