The Lallantop

पुतिन की पॉटी तक दूसरे देश में नहीं छोड़ते बॉडीगार्ड्स, 'पूप सूटकेस' लेकर चलते हैं, लेकिन क्यों?

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बॉडीगार्ड विदेशी दौरे में उनके मल-मूत्र को इकट्ठा करके वापस मॉस्को लेकर जाते हैं.

Advertisement
post-main-image
व्लादिमीर पुतिन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बॉडीगार्ड क्या-क्या कर सकते हैं? आप यकीन करेंगे कि वो विदेशी यात्राओं के दौरान पुतिन का ‘मल-मूत्र’ भी पैक करके वापस रूस लाते हैं. इसके लिए उनके पास एक स्पेशल ‘पूप सूटकेस’ होता है, जिसमें उनके मल-मूत्र को पैक किया जाता है. ये दावा किया गया है फ्रांसीसी न्यूज पोर्टल ‘पेरिस मैच’ की एक रिपोर्ट में. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि रूसी राष्ट्रपति साल 2017 में जब फ्रांस के दौरे पर थे, तब से उनके बॉडीगार्ड्स को ये काम सौंपा गया है. अब जब पुतिन अमेरिका के दौरे से लौटे हैं, तो एक बार फिर ये बात चर्चा में आ गई है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

अलास्का में ट्रंप से मुलाकात के दौरान पुतिन के बॉडीगार्ड्स को ये अजीब जिम्मेदारी सौंपी गई थी. उन्हें राष्ट्रपति पुतिन के मल-मूत्र को एक सूटकेस में पैक करना था और उसे वापस मॉस्को लेकर जाना था. ये 'विचित्र' इंतज़ाम कई सालों से पुतिन की सिक्योरिटी का हिस्सा है. पुतिन के फेडरल प्रोटेक्शन सर्विस (FPS) के सुरक्षाकर्मी उनके मल समेत हर तरह का वेस्ट इकट्ठा करते हैं. उसे एक खास पैकेट में रखते हैं और फिर स्पेशल सूटकेस में भरकर उसे मॉस्को ले जाते हैं.

ये काम मई 2017 में पुतिन की फ्रांस यात्रा से शुरू हुआ था. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस की एक स्वतंत्र पत्रकार फरीदा रुस्तमोवा ने भी पहले इसका जिक्र किया है. उनके मुताबिक, साल 2018 में पुतिन की वियना यात्रा के दौरान भी यही किया गया था. हालांकि, ‘द एक्सप्रेस यूएस’ के एक सोर्स की मानें तो रूसी राष्ट्रपति की सुरक्षा में ये व्यवस्था नई बात नहीं है. ये काम साल 1999 से चल रहा है जब पुतिन ने रूस का पहली बार नेतृत्व संभाला था. 

Advertisement
पुतिन की पॉटी क्यों उठाते हैं सुरक्षाकर्मी?

अब सवाल ये है कि पुतिन ऐसा क्यों करवाते हैं? विदेशी दौरे से राष्ट्रपति के मल ले जाने का क्या मतलब है?

इसकी वजह है कि कोई भी विदेशी ताकत उनके मल-मूत्र का सैंपल लेकर उनकी हेल्थ से जुड़ी जानकारी न हासिल कर ले. पिछले कई सालों से पुतिन की सेहत को लेकर कई तरह की बातें चल रही हैं. नवंबर 2024 में कजाकस्तान के अस्ताना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके पैरों में झटके देखे गए थे. इसके बाद 2023 में बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशेंको से मुलाकात में वे कुर्सी पर झटके खाते दिखाई दिए थे. हालांकि, क्रेमलिन ने हमेशा ऐसे किसी भी दावे को ‘अफवाह’ बताया है, जो पुतिन की सेहत खराब बताते हैं.

मल-मूत्र से क्या-क्या किया जा सकता है?

एक और सवाल ये है कि अगर पुतिन का मल-मूत्र किसी के हाथ लग जाए तो उसका क्या-क्या किया जा सकता है? 

Advertisement

एक्सपर्ट बताते हैं कि मल-मूत्र के सैंपल से किसी की भी सेहत के कई राज पता लगाए जा सकते हैं. जैसे- कैंसर, डायबिटीज, किडनी-लीवर और न्यूरोलॉजिकल दिक्कतों के बारे में पता लगाया जा सकता है. शरीर से निकले अवशेष से ये भी पता लगा सकते हैं कि किसी ने क्या-क्या खाया था? अगर कोई दवा खाई थी तो वह किस बीमारी की दवा है.

बड़े नेताओं के मामले में उनके हेल्थ सीक्रेट उजागर होना दुश्मनों को बड़ा फायदा पहुंचा सकता है. जैसे- राष्ट्राध्यक्ष की बीमारी का पता लगने से उनकी कमजोरियों का फायदा उठाया जा सकता है. अगर ये जानकारी उस देश के लोगों के सामने लीक कर दी गई तो जनता में ये आशंका फैल जाएगी कि उसका नेता बीमार है और देश कमजोर हाथों में है.

वीडियो: ट्रंप और पुतिन की मुलाकात के बीच भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर क्या पता चला?

Advertisement