जस्टिन गैटलिन को लेकर तमाम अंदेशे थे. ऐसा लगता था कि शायद ये इंसान बोल्ट को पछाड़ देगा. लेकिन नहीं हुआ. 9.89 सेकंड. गैटलिन की टाइमिंग. अंतर था 0.08 सेकंड. पलक झपकने भर का वक़्त. बल्कि उससे भी कम. और इतने अंतर ने खुद को सोने और चांदी के बीच के अंतर के रूप में बदल लिया. यूसेन बोल्ट दौड़ना शुरू करते हैं. आप एक लम्बी सांस जब तक खींचकर छोड़ पाते हैं, वो फ़िनिश लाइन क्रॉस कर निपट चुके होते हैं. वो दौड़ते रहते हैं. धड़ाधड़ ट्वीट्स गिरने लगते हैं. आप याद करना चाहते हैं कि रेस शुरू कैसे हुई थी. और आपको समझ आता है कि बोल्ट की शुरुआत अच्छी नहीं थी. हल्का सा पीछे रह गए थे. और उसके बावजूद वो ट्रैक का चक्कर लगा रहे थे. जीतने के बाद. ओलम्पिक सेंटर शोर में डूबा हुआ था. सोशल मीडिया अब भी उसी सुखद शॉक में था. इतिहास बन चुका था. यूसेन बोल्ट इतिहास के पहले ऐसे प्लेयर बन चुके थे जिसने एक के बाद एक तीन ओलम्पिक गोल्ड मेडल जीते हैं. इवेंट की सबसे शानदार बात हुई रेस के बाद. वो जिसे देखकर खेलों में विश्वास बना रहता है. और एक खेलप्रेमी होने पर गर्व होता है. ऐसा महसूस होता है कि आज की भसड़ के बीच में खेल वो एक चीज हो सकती है जो दुनिया को एक कर सके. यूसेन बोल्ट इंटरव्यू दे रहे थे. उन्हें बीच में वैन नीकर्क दिखाई दिए. वैन ने कुछ देर पहले ही माइकल जॉनसन का 17 साल पुराना 400 मीटर का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा था. बोल्ट ने इंटरव्यू बीच में ही रोका, सीढ़ियां चढ़कर ऊपर गए और वैन को बधाई दी. वैन ने 400 मीटर की रेस 43.03 सेकंड में खतम की. https://twitter.com/MatTMQ/status/765011596016029696 और उधर जमाइका के लोग और बोल्ट के फैन्स का रीऐक्शन कुछ ऐसा था: https://twitter.com/jesusduarte315/status/765015261594390528 हर्षा भोगले ने कुछ बातें ट्वीट कीं. उन्हें इस बात पर आश्चर्य था कि ऐसी शुरुआत के बाद भी वो सबसे आगे रहे और साथ ही उन्हें बोल्ट को फैन्स के बीच देख खुशी हो रही थी.
विराट कोहली भी उसी ज़मीन पर थे जिस ज़मीन पर कभी बोल्ट ने पहली दौड़ लगाई होगी.
इसके साथ ही दुनिया के सबसे तेज़ इंसान होने के बूते पर यूसेन बोल्ट ने जस्टिस लीग में फ़्लैश को हटाकर खुद की जगह पक्की कर ली.
और हाँ! अंत में, ये नीचे दिख रहा मैं हूं. और कह रहा हूं कि यूसेन बोल्ट का ये रिकॉर्ड जो टूटे तो मेरी मूंछें मुंडवा देना. ;)






















