किसी भी जंग में एक देश की सैन्य क्षमता के साथ-साथ उसकी आर्थिक क्षमता भी टटोली जाती है. जंग जितनी लंबी छिड़ती है, पैसा उतना ही ज़्यादा लगता है. मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध में भी अब तक बहुत पैसा बहा है. अमेरिका ने ऐलान कर दिया है कि अगर ज़रूरत पड़ी तो और पैसे बहाए जाएंगे, लेकिन पैसों की कमी से जंग नहीं रुकेगी. अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने अमेरिकियों को आश्वस्त किया कि जंग लड़ने के लिए देश के पास बहुत पैसा है.
'बहुत पैसा है, जंग नहीं रुकेगी... ', ट्रंप प्रशासन ने 'अपनों' के साथ ईरान को भी दे दिया मैसेज
US War Funding: एक तरफ अमेरिका मिलिट्री फंडिग बढ़ाने के लिए 200 बिलियन डॉलर का प्रस्ताव रख रहा है, दूसरी तरफ स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज पर पाबंदी की वजह से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. ऐसे में अमेरिका के आगे चैलेंज है कि वो जंग और जंग में चुकाई गई कीमत को कैसे सही साबित करे?


दरअसल, एक इंटरव्यू के दौरान जब स्कॉट बेसेंट से पूछा गया कि क्या जंग को फंड करने के लिए सरकार टैक्स बढ़ाने पर विचार कर रही है? इसपर उन्होंने जवाब देते हुए कहा,
‘हम ऐसा क्यों करेंगे? सरकार के पास बहुत पैसा है. अभी ट्रिलियन डॉलर से अधिक मिलिट्री के लिए रिज़र्व है. इससे पहले भी प्रेसिडेंट ट्रंप ये साफ़ कर चुके हैं कि वो मिलिट्री को आगे बढ़ाना चाहते हैं.’
इंडिया टुडे के मुताबिक़, अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ईरान के खिलाफ आगे जंग लड़ने के लिए और पैसों की ज़रूरत पड़ेगी. बेसेंट ने बताया कि ये पैसे सेना की तैयारी के लिए चाहिए न कि मौजूदा जंग लड़ने के लिए. ये सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि युद्ध के दौरान हथियार या संसाधनों की कमी न हो.
स्कॉट बेसेंट ने आगे बात करते हुए टैक्स बढ़ने की अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने साफ़ कर दिया कि जंग के खर्च का भुगतान अमेरिकी जनता को नहीं करना होगा. हालांकि जो अतिरिक्त पैसों की मांग की गई है, वो आएंगे कहां से, इसका कोई ज़िक्र नहीं किया है.
अमेरिकी मिलिट्री की अतिरिक्त फंडिंग की चर्चा अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में भी हुई है. कई रिपब्लिकन और डेमोक्रैट्स की इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पा रही है. उनका कहना है कि ‘अतिरिक्त फंडिंग’ वाले प्रपोजल को मंजूरी देने के लिए उन्हें थोड़ा समय चाहिए. कुछ नेताओं ने इस प्रपोजल की ज़रूरत पर सवाल उठाए, तो कुछ ने जंग के बाद आर्थिक तंगी की ओर संकेत किया.
पीट हेगसेथ ने फंडिंग पर क्या कहा?स्कॉट बेसेंट से पहले अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी मिलिट्री फंडिंग की बात की थी. एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने कहा,
‘अमेरिका को ये पैसे इसलिए चाहिए ताकि वो हमेशा तैयार रह सके. दुश्मनों को ख़त्म करने में पैसे तो लगते ही हैं. प्रेसिडेंट ट्रंप भी यही चाहते हैं कि मिलिट्री को बढ़ावा मिले.’
उन्होंने बताया कि डॉनल्ड ट्रंप के दूसरे काल से पहले मिलिट्री की हालत खराब थी. अमेरिकी मिलिट्री अपना हित छोड़कर सबके हित साधने में लगी थी. इसके लिए उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को ज़िम्मेदार ठहराया है. हेगसेथ ने फिलहाल 200 बिलियन डॉलर का प्रस्ताव रखा है.
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