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'भारत में अकेले यात्रा न करें महिलाएं', US ने जारी की नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी, वजह भी बताई

अमेरिका ने अपनी Travel Advisory में बदलाव किए हैं. विदेश विभाग ने अमेरिकी महिलाओं से कहा है कि वो भारत में अकेले यात्रा न करें.

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अमेरिका ने भारत में यात्रा के लिए नई एडवाइजरी जारी की है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: इंडिया टुडे)

अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों से कहा है कि वो भारत में यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें (US Travel Advisory). इसके लिए उन्होंने क्राइम, आतंकवाद और सीमावर्ती इलाकों में संभावित सैन्य झड़पों का हवाला दिया है. अमेरिका का कहना है कि भारत में बलात्कार सहित हिंसा के मामले तेजी से बढ़े हैं. उन्होंने अमेरिकी महिलाओं को भारत में अकेले यात्रा करने से मना किया है.

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यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट ने अपनी वेबसाइट पर एक एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा गया है,

भारत के टूरिस्ट साइट्स और दूसरे लोकेशन पर यौन उत्पीड़न सहित दूसरे हिंसक अपराध होते हैं. पर्यटकों पर अचानक से या बिना किसी चेतावनी के हमला किया जा सकता है. वो (अपराधी) टूरिस्ट लोकेशन के साथ-साथ, परिवहन सुविधाओं, बाजार, शॉपिंग मॉल और सरकारी सुविधाओं को भी निशाना बना सकते हैं.

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महाराष्ट्र, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल का जिक्र

अमेरिका ने भारत की कुछ जगहों का भी जिक्र किया है. उन्होंने कहा है,

 इमरजेंसी की स्थिति में ग्रामीण इलाकों से अमेरिकी नागरिकों को निकालने के लिए अमेरिकी सरकार की सीमित पहुंच है. ये इलाके हैं- पूर्वी महाराष्ट्र और उत्तरी तेलंगाना से लेकर पश्चिमी पश्चिम बंगाल तक. 

उन्होंने आगे लिखा है,

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माओवादी चरमपंथी समूह, या नक्सली, भारत के एक बड़े क्षेत्र में सक्रिय हैं, जो पूर्वी महाराष्ट्र और उत्तरी तेलंगाना से लेकर पश्चिमी पश्चिम बंगाल तक फैले हुए हैं. 

छत्तीसगढ़ और झारखंड के ग्रामीण इलाकों में भारत सरकार के अधिकारियों पर हमले छिटपुट रूप से होते रहते हैं, जिनकी सीमा तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से लगती है. 

ओडिशा के दक्षिण-पश्चिमी इलाके भी इससे प्रभावित हैं. नक्सलियों ने स्थानीय पुलिस, अर्धसैनिक बलों और सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाकर कई आतंकवादी हमले किए हैं.

जोखिमों को ध्यान में रखते हुए, अमेरिकी सरकार के कर्मचारी जो भारत में काम कर रहे हैं, उन्हें इन इलाकों में जाने से पहले विशेष अनुमति लेनी होगी.

बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ…

अमेरिका ने कहा है कि उनके कर्मचारी यदि बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ, पश्चिम बंगाल, मेघालय और ओडिशा की राजधानी में यात्रा कर रहे हैं, तो उनको अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है. लेकिन इन राज्यों में राजधानी को छोड़कर किसी अन्य इलाके में जाना है, तो उनको विशेष अनुमति की आवश्यकता होगा. उन्होंने आगे कहा,

हिंसा और अपराध के खतरे के कारण मणिपुर की यात्रा न करें. जातीय संघर्ष के कारण व्यापक हिंसा और सामुदायिक विस्थापन की खबरें सामने आई हैं. भारत सरकार के ठिकानों पर हमले नियमित रूप से होते रहते हैं. जातीय विद्रोही समूह कभी-कभी पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में हिंसा की वारदातें करते रहते हैं. 

असम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, सिक्किम या त्रिपुरा में हाल ही में हिंसा की कोई रिपोर्ट नहीं आई है.

भारत में कार्यरत अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश राज्यों के साथ-साथ असम, मिजोरम, नागालैंड, मेघालय और त्रिपुरा के राजधानी के बाहर किसी भी क्षेत्र का दौरा करने से पहले पूर्व अनुमति लेनी होगी.

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जम्मू कश्मीर और सीमावर्ती क्षेत्रों को लेकर क्या कहा?

अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों से जम्मू कश्मीर में यात्रा न करने को कहा है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद और नागरिक अशांति के कारण जम्मू-कश्मीर के इलाके में न जाएं. हालांकि उन्होंने पूर्वी लद्दाख क्षेत्र और लेह को इस चेतावनी से अलग रखा है. अमेरिका ने कश्मीर घाटी के पर्यटन स्थलों श्रीनगर, गुलमर्ग और पहलगाम में भी हिंसा का हवाला दिया.

इसके साथ ही अमेरिकी सरकार ने ये भी कहा है कि उनके नागरिकों को भारत-नेपाल सीमा पार करने के लिए सड़क मार्ग का ही इस्तेमाल करना चाहिए.

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