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छोटी बच्चियों को दर्जनों बार चाकू से गोदा था, डांस क्लास हत्याकांड के दोषी को क्या सजा मिली?

Axel Rudakubana ने Taylor Swift थीम्ड Dance Class में घुसकर तीन बच्चियों की चाकू से हत्या कर दी थी. जज जूलियन गूज ने उसे 13 मामलों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जिसमें कम से कम 52 साल जेल में बिताने का सजा है.

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दाई ओर हत्या का आरोपी एक्सेल रुडाकुबाना वहीं बाई तीनों बच्चियां (तस्वीर : सोशल मीडिया)

ब्रिटेन के चर्चित डांस क्लास हत्याकांड के दोषी एक्सेल रुडाकुबाना को उम्रकैद की सजा दी गई है. पिछले साल 29 जुलाई को एक्सेल ने साउथपोर्ट में चल रही एक डांस क्लास में घुस कर कई बच्चियों को बेरहमी से चाकू मार दिया था. हमलावर ने तीन बच्चियों की हत्या कर दी थी और 10 अन्य को घायल कर दिया था. इनमें ज्यादातर बच्चे थे. घटना के बाद ब्रिटेन में बहुत बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए थे.

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बाद में पता चला कि 17 साल का एक्सेल रुडाकुबाना आतंकी संगठन अल-कायदा (Al-Qaeda) से प्रभावित था. गिरफ्तार होने के बाद उसने कहा था कि वो बच्चों की मौत से बहुत खुश है. कोर्ट में आरोपी ने खुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश भी नहीं की. उसे तीन हत्याओं और 10 अन्य हत्या के प्रयासों के लिए दोषी पाया गया. अदालत ने उसे 50 सालों तक कारावास में रहने की सजा दी है.

डांस क्लास में क्या हुआ था?

न्यू यॉर्क पोस्ट में छपी खबर के मुताबिक, हमले में मारी गई बच्चियों में 6 साल की बेबे किंग, 7 साल की एल्सी डॉट स्टैनकॉम्ब और 9 साल की एलिस डासिल्वा अगुइयर शामिल थीं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया कि एक्सेल ने एक बच्ची को 122 बार चाकू से गोदा था. वहीं एक अन्य बच्ची को 85 बार. यह इतना भयानक था कि इसे क्रूरता की पराकाष्ठा कहा गया.

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दाई ओर से  एलिस डासिल्वा(9), बीच में बेबे किंग (6) और बाई ओर एल्सी डॉट स्टैनकॉम्ब (7) (सोर्स : सोशल मीडिया)

एक्सेल ने जिन बच्चों पर हमला किया उनकी उम्र 7 से 13 साल के बीच थी. उसने बच्चों को बचाने के लिए सामने आए लोगों पर भी हमला किया.

कौन था हमलावर?

एक्सेल रुडाकुबाना का जन्म और पालन-पोषण ब्रिटेन के वेल्स में ही हुआ था. उसके मां-बाप रवांडा से आए थे. एक्सेल की सोच में क्रूरता और नफरत बचपन से ही घर कर चुकी थी. न्यू यॉर्क की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सेल ने इस बात को स्वीकारा कि उसके पास अल-कायदा से जुड़ी सामग्री पढ़ी थी. साथ ही वह उनके तरीके अपनाने की कोशिश भी करता. उसके पास एक आतंकवादी ट्रेनिंग मैनुअल था, इस मैनुअल का नाम, "मिलिट्री स्टडीज इन द जिहाद अगेंस्ट द टायरंट्स". उसके घर से घातक जहर राइसिन, नाजी जर्मनी पर दस्तावेज, कार बम बनाने की जानकारी और रवांडा नरसंहार से जुड़ी सामग्रियां भी मिलीं.

पहले भी किए थे क्राइम

मामले की जांच के दौरान एक्सेल के हिंसक इतिहास के बारे में पता चला. 13 साल की उम्र से ही उसे तीन बार ब्रिटेन के एंटी-एक्सट्रीमिज्म प्रोग्राम ‘प्रिवेंट’ में रेफर किया गया था. उसने स्कूल में गोलीबारी और आतंकवादी हमलों को लेकर रिसर्च किया था. एक बार उसने अपने एक साथी छात्र पर हॉकी स्टिक से हमला किया था और खुलेआम स्कूल में चाकू ले जाने की बात स्वीकारी थी.  

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रिपोर्ट के मुताबिक 2019 में उसने बच्चों से जुड़ी एक हेल्पलाइन पर फोन करके पूछा था- “अगर मुझे किसी की हत्या करनी हो, तो मैं क्या करूं?” आरोप लगा कि इसके बावजूद एक्सेल के व्यवहार को नजरअंदाज किया गया. जुलाई, 2024 के दिल दहला देने वाले हमले के बाद भी उसमें कोई पछतावा नहीं था. गिरफ्तारी के बाद उसने कहा,

“यह अच्छा है कि वे बच्चे मर गए. मैं बहुत खुश हूं.”

क्या सजा मिली?

एक्सेल के केस की सुनवाई लिवरपूल क्राउन कोर्ट में हुई. एक्सेल ने खुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश नहीं की. उसे तीन हत्याओं और 10 हत्या के प्रयासों का दोषी पाया गया. जज जूलियन गूज ने उसे 13 मामलों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जिसमें कम से कम 52 साल जेल में बिताने का आदेश दिया.

एक्सेल घटना के समय 17 साल का था, इसलिए वो बिना पैरोल के आजीवन कारावास की सजा से बच गया. हालांकि जज ने कहा कि यह बहुत संभव है कि वह कभी रिहा नहीं होगा. जज जूलियन ने घटना की भयावहता देखते हुए कहा कि यह इतनी चरम हिंसा थी कि यह समझना मुश्किल है कि ऐसा क्यों किया गया.

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