हम पूरे मन से पोस्ट लिखते हैं. उसके साथ 'वैचारिक साम्य' दर्शाती एक फोटो भी गूगल से सर्च करके डाल देते हैं. बिना वेरिफाई किए कि जो फोटो हमने लिया वो असली था या नकली. सोशल मीडिया पर ये सावधानी जरूरी है. वरना झूठ तो फैलता ही है और आपका मज़ाक बनता है सो अलग. IIPM के डायरेक्टर अरिंदम चौधरी, जिन्हें कुछ लोग 'मैनेजमेंट गुरु' भी कहते हैं, हाल ही में इसके शिकार हो गए. उन्होंने 9 नवंबर को फेसबुक पर एक पोस्ट लिखी, जिसमें दो चीज़ों को शुभ संकेत बताया. डोनल्ड ट्रंप की जीत और नरेंद्र मोदी का नोटबंदी का फैसला. 9/11 से जोड़ते हुए उन्होंने इस पोस्ट में दो अलग-अलग जगहों पर लिखा, 'आइए ट्रंप की जीत का जश्न मनाएं और एक ज्यादा प्रैक्टिकल और शांतिप्रिय अमेरिका की उम्मीद रखें.' नोट बैन के फैसले की तारीफ करते हुए पोस्ट के आखिर में अरिंदम ने लिखा, 'अब सवाल ये है कि वो (मोदी) किन फैसलों से एजुकेशन, हेल्थ, रोजगार और ज्युडिशियरी में सुधार लाएंगे? अगर वो ये कर पाए तो वो दुनिया के महानतम नेताओं में शामिल हो सकते हैं, क्योंकि भारत का बदलना, दुनिया के बदलने जैसा है.' [facebook_embedded_post href="https://www.facebook.com/chaudhuri.arindam/photos/a.10150140342405016.341920.76429890015/10155128951585016/?type=3&theater"] अरिंदम ने अपनी बात 1700 से ज्यादा शब्दों में कही. जाहिर है, काफी मेहनत की होगी. सोचने और टाइप करने में. ये पोस्ट पसंद भी खूब की गई. लेकिन इस पोस्ट के साथ उन्होंने एक फोटो लगाई थी, जिसमें नरेंद्र मोदी और डोनल्ड ट्रंप गले लग रहे थे.
ये तस्वीर फर्जी थी. इसे फोटोशॉप से बनाया गया था.
मुमकिन है कि अरिंदम ने अनजाने में ये तस्वीर लगा दी हो.
ये तस्वीर दरअसल 2014 की है. प्रधानमंत्री उस वक्त के ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी अबॉट के साथ गले मिल रहे थे. फोटोशॉप के धुरंधरों ने बड़ी सफाई से टोनी अबॉट की तस्वीर काटकर हटा दी और उनकी जगह डोनल्ड ट्रंप की तस्वीर लगा दी.
ऐसा सोशल मीडिया पर अकसर होता है. लेकिन इसका सच बताना जरूरी था क्योंकि अरिंदम चौधरी की ये पोस्ट 3 लाख 97 हजार से ज्यादा लोगों ने लाइक किया और 5 हजार से ज्यादा लोगों ने शेयर की.

इनमें से बहुत सारे लोगों ने उनके विचार की वजह से ही ये पोस्ट लाइक की होगी. लेकिन अनजाने में वो एक फोटोशॉप्ड तस्वीर को लाइक कर रहे थे, जो नरेंद्र मोदी और डोनल्ड ट्रंप के अच्छे संबंधों की ओर इशारा करती थी. दोनों नेताओं के बीच अच्छे संबंध हो भी सकते हैं. लेकिन फिलहाल इस पोस्ट को शेयर करने वाले लोगों में से जाने कितनों को लगा होगा कि ये तस्वीर भी असली है. अरिंदम ने भी जाने-अनजाने अपनी बात के लिए एक फर्जी तस्वीर का सहारा लिया. इस तरह की गलतियां किसी से भी हो सकती हैं. ख़्याल रखें.