दरोगा अख्तर खान के पिता ने कहा, 'मेरा बेटा अख्तर पुलिस की साजिश का शिकार हुआ है. जब कोतवाल, दरोगा समेत 12 पुलिसवाले मौके पर मौजूद थे. तो ये सब अख्तर अली को छोड़कर क्यों भाग गए. गोली लगने के बाद वक्त से अख्तर को अस्पताल नहीं ले जाया गया. दादरी की पुलिस टीम इसके लिए दोषी है. मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए.'अमर उजाला की खबर के मुताबिक, अख्तर अली की बहन ने कहा, 'मेरे भाई की हत्या पुलिसवालों ने ही करवाई है. अख्तर अली कोट पुलिस चौकी पर तैनात थे. इसके बावजूद उन्हें दादरी की दबिश में ले जाया गया. दरवाजे खुलवाते वक्त मेरा भाई अकेला था.'

दरोगा अख्तर अली
इससे पहले 25 अप्रैल को पुलिस दादरी में बदमाश फुरकान को पकड़ने गई थी. इस दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच फायरिंग शुरू हो गई. फायरिंग में गोली लगने से अख्तर अली की मौत हो गई.

बदमाश जावेद फुरकान
फुरकान दादरी इलाके का कुख्यात बदमाश है. फुरकान पर हत्या, चोरी समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस सोमवार सुबह फुरकान को पकड़ने के लिए टीम के साथ गई थी. बता दें अख्तर अली साल 1998 बैच में सिपाही के पद पर पुलिस में भर्ती हुई थी. दादरी के एक पुलिस थाने में वो 11 जून 2014 को दरोगा बनकर आए थे.

पुलिस और बदमाशों की झड़प के बाद दादरी के इस इलाके में भारी पुलिसबल तैनात है. पुलिस ने बताया, 'एनकाउंटर के बाद से बदमाश फरार हैं. पुलिस इलाके में बदमाशों को खोज रही है. मामले में अब तक एक बदमाश को ही पकड़ा जा सका है.' बता दें बदमाशों की इस गैंग का लीडर फुरकान ही है.

















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