मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार इस सीजन का सबसे ज्यादा स्मॉग वाला दिन था. उन्होंने लोगों को घरों में रहने की सलाह देते हुए कहा, 'जिन लोगों को काम से बाहर निकलना ही पड़े, वो मास्क पहनकर निकले.' इंडियन मेडिकल असोसिएशन के महासचिव केके अग्रवाल ने एबीपी न्यूज के साथ बातचीत में कहा कि दिल्ली का ये मौसम सबके लिए खतरनाक है. अमूमन पॉल्यूशन के लेवल को लेकर जब बात होती है, तो पीएम 2.5 और पीएम 10 से उसके लेवल को चेक किया जाता है. डॉक्टर अग्रवाल ने घर के अंदर, बाहर और कार में पॉल्यूशन को लेकर बात की और कहा कि घर के अंदर भी लोग सेफ नहीं है. प्यूरिफायर लगाने के बाद घर के अंदर का पॉल्यूशन लेवल बहुत ज्यादा था. घर के अंदर पीएम 10, 540 रिकॉर्ड किया गया और पीएम 2.5, 415. यानी बहुत ज्यादा.घर के बाहर भी पॉल्यूशन लेवल के इन आंकड़ों में इजाफा हुआ है. पीएम 10, हजार के पार चला गया और पीएम 2.5, 700 के पार रहा. बहुत लोगों को लगता है कि कार के अंदर एसी चला देने से पॉल्यूशन कम हो जाता है और वो सेफ होते हैं, पर ऐसा कतई नहीं है. डॉक्टर अग्रवाल के मुताबिक, कार के अंदर भी पॉल्यूशन का लेवल लगभग वही रहता है. कोई खास अंतर नहीं आता. दिल्ली में पॉल्यूशन की मौजूदा स्थिति खतरे का लेवल पार कर चुकी है. दिल्ली के पूसा रोड, मथुरा रोड और एयरपोर्ट पर भी पीएम 2.5, 500 से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया है, जो लोगों के हेल्थ के लिए खतरनाक है. दिल्ली से सटे नोएडा का भी यही हाल है. विशेषज्ञों की मानें तो दिल्ली में पॉल्यूशन के लिए असली जिम्मेदार पटाखे हैं, जो दिवाली की रात जलाए गए. इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और वेस्ट यूपी में खेतों में जलाई गई पराली से उठे धुंए ने भी पॉल्यूशन को बहुत बढ़ा दिया. डॉक्टर अग्रवाल ने इससे बचने के लिए कई उपाए बताए हैं. उनके मुताबिक ऑड-ईवन को लागू करने ये सबसे जरूरी समय है. उनके मुताबिक: 1. कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम बंद हों. 2. डेड बॉडी को जलाने के लिए इलेक्ट्रिक मशीन यूज में लाई जाएं. 3. सड़कों पर पानी का छिड़काव हो. 4. घरों में लोग पूजा करने के लिए धूप-बत्ती का इस्तेमाल न करें और कागज, सूखी पत्तियां न जलाएं. स्मॉग से बचने के लिए कौन सा मास्क लगाएं? पॉल्यूशन से बचने के लिए लोगों के पास कोई खास जानकारी नहीं है. वो अपने तरीके से इससे बचने की कोशिश कर रहे हैं. मेडिकल स्टोर पर मिलने वाले मास्क उनमें से एक है. किसी ने सर्जिकल मास्क खरीद लिया है, तो किसी ने डस्ट वाला. ढेर सारे लोग रुमाल को गीला करके मुंह पर बांध रहे हैं. इन सबको लग रहा है कि स्मॉग से बचने के लिए ये उपाय कारगर होंगे, लेकिन ऐसा नहीं है. सर्जिकल या डस्ट वाले मास्क और रुमाल से कोई फायदा नहीं होता है.
N95 और N350. स्मॉग से बचना है, तो ये दोनों मास्क ही काम आएंगे. ये आपको मेडिकल स्टोर्स पर आसानी से मिल जाएंगे और इनकी कीमत भी कोई ज्यादा नहीं है. 50 से 100 रुपए के बीच बिक रहे हैं ये मास्क. N95 और N350 पूरी तरह से नाक और मुंह को ढक लेता है और पीएम 2.5 को आपके फेफड़ों में जाने से रोकता है. ये मास्क लगभग 95 पर्सेंट पार्टीकुलेट मैटर्स को रोकता है.
कितने परेशान हैं लोग?
पॉल्यूशन को लेकर लोग जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. #RightTobreathe ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है. लोग अपनी-अपनी राय दे रहे हैं. इस स्थिति को लोगों ने इमरजेंसी का नाम दिया है. संजीव कुमार कहते हैं, 'पॉल्यूशन बच्चों के हेल्थ को डैमेज कर रहा है. मौका रहते कुछ किया नहीं गया तो फ्यूचर अंधेरे में चला जाएगा.'
दिल्ली के करनाल सिंह स्टेडियम में त्रिपुरा और हैदराबाद के बीच रंणजी मैच चल रहा है, जहां प्लेयर्स मास्क लगाकर खेलने को मजबूर हैं. रणजी ट्रॉफी के मैच रद्द होने की भी बात चल रही है.
ट्विटर पर तो एक यूजर ने तो कहा कि पॉल्यूशन को लेकर स्कूल कभी बंद नहीं हुए थे, लेकिन इस बार ऐसा हुआ है. हम अपने बच्चों को ऐसे तो बड़ा नहीं कर सकते. पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल ने किसानों से फसलों को जलाने से मना किया है. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने संडे को एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है. उस मीटिंग का मुद्दा पॉल्यूशन है. ये भी पढ़िये...















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