कोलकाता (Kolkata) के RG Kar Medical College के पूर्व प्रिसिंपल संदीप घोष (Sandeep Ghosh) को लेकर CBI की टीम अलीपुर कोर्ट पहुंची थी. कोर्ट से बाहर निकलते समय उग्र भीड़ में से किसी ने घोष पर हमला कर दिया. भीड़ ने घोष को देखते ही ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए और अपशब्द कहे. पूर्व प्रिंसिपल को सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) और कोलकाता पुलिस की सुरक्षा में लाया गया था.
RG Kar College के पूर्व प्रिंसिपल को भीड़ से बचाना हुआ मुश्किल, सिर पर हमला, चोर-चोर के लगे नारे
Kolkata के RG Kar Medical College के पूर्व प्रिंसिपल Sandeep Ghosh को CBI ने 2 सितंबर को गिरफ्तार किया था. उनके साथ 3 और लोगों को गिरफ्तार किया गया है.


इंडिया टुडे से जुड़े राजेश साहा की रिपोर्ट के मुताबिक, 3 सितंबर को घोष के अदालत पहुंचने से पहले ही वहां भीड़ लग गई थी. CBI की टीम उन्हें लेकर जैसे ही कोर्ट परिसर में पहुंची, लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया. इसमें वकीलों का एक वर्ग भी शामिल था. कोर्ट रूम के अंदर भी कई लोगों ने संदीप के लिए अपशब्द कहे.
CRPF ने बनाया था ह्यूमन चेनउग्र भीड़ को ध्यान में रखते हुए, घोष को कोर्ट रूम से बाहर निकालने से पहले परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. CRPF ने सुरक्षाबलों की संख्या बढ़ा दी. और कोलकाता पुलिस ने भी और पुलिसवालों को तैनात किया. CRPF ने मानव श्रृंखला बनाकर घेराबंदी की थी. इसके बावजूद संदीप घोष के बाहर निकलते ही लोगों ने हंगामा शुरु कर दिया. CBI की टीम जब उन्हें गाड़ी में बैठा रही थी तभी भीड़ में से किसी ने उनके थप्पड़ मारने की कोशिश की, हाथ संदीप के सिर पर लगा.
इस बीच घोष की गिरफ्तारी के अगले दिन ही ममता बनर्जी की सरकार ने उन्हें वेस्ट बंगाल स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल काउंसिल पद से भी निलंबित कर दिया.
इस मामले में हुई है गिरफ्तारीदो सितंबर की शाम को संदीप घोष के साथ तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया था. अन्य तीन लोगों के नाम हैं- बिप्लव सिंह, सुमन हाजरा और अफसर अली खान. इन पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप है. RG Kar Medical College के पूर्व उपाधीक्षक डॉ. अख्तर अली ने संदीप घोष के प्रिंसिपल रहने के दौरान कई मामलों में वित्तीय अनियमितताओं का मामला दर्ज कराया था. घोष पर अस्पताल में लावारिस शवों की तस्करी, बायो-मेडिकल कचरे के निपटान में करप्शन, निर्माण निविदाओं (Construction Tenders) में भाई-भतीजावाद जैसे आरोप लगाए गए थे. इन मामलों की जांच पहले कोलकाता पुलिस कर रही थी. लेकिन बाद में कलकत्ता हाई कोर्ट ने इसे CBI को सौंप दिया.
3 सितंबर को अलीपुर कोर्ट ने इन चारों आरोपियों को 8 दिनों के लिए CBI की कस्टडी में भेज दिया है.
9 अगस्त को RG Kar Medical College के सेमिनार हॉल से एक जूनियर डॉक्टर का शव बरामद हुआ. कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसिपल संदीप घोष ने इस्तीफा दे दिया. लेकिन कुछ समय बाद ही उन्हें कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति मिल गई थी. उनकी नियुक्ति का विरोध किया गया. और इस मामले में भी घोष पर कई आरोप लगे. इसके बाद उन्हें छुट्टी पर भेज दिया गया.
वीडियो: RG Kar Medical कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर बड़ी कार्रवाई

















