यूपी में दम है, क्योंकि जुर्म यहां कम है. और जितना भी है, वो माननीय खुद कर लेते हैं इसलिए बुरा नहीं लगता.
सीतापुर के बिसवां से सपा विधायक हैं रामपाल यादव. लखनऊ में मल्टीलेवल बिल्डिंग बनवा रहे थे. लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी (LDA) ने इस बिल्डिंग को अवैध घोषित किया हुआ था. फिर LDA के वाइस चेयरमैन खुद टीम लेकर अवैध निर्माण गिराने पहुंच गए.
टीम के साथ अच्छी खासी संख्या में पुलिस वाले थे. फिर भी विधायक तो विधायक. वो भी यूपी के और वो भी सपा के. उनको खबर पहुंची तो वो 15-20 गुर्गे लेकर वहां पहुंच गए और LDA के अफसरों से भि़ड़ने लगे. गुंडई का आलम यह रहा कि पहले मारपीट पर उतारू हुए, फिर पिस्टल निकाल ली.

बताते हैं कि पहले रामपाल यादव ने वाइस चेयरमैन से बदसलूकी की. वीसी अपनी बात पर अडिग रहे तो विधायकजी उनसे मारपीट को आमादा हो गए. SSP भी वहां मौजूद थे. हालात बिगड़े तो पुलिस वालों ने लट्ठ संभाला. उनके गुर्गों पर लाठीचार्ज किया तो समाजवादी सरकार के इस जनप्रतिनिधि ने वर्दी वालों पर पिस्टल तान दी. अब पुलिस के लिए काम आसान हो गया. उन्होंने विधायकों और समर्थकों को भरा गाड़ी में और धर के थाने ले गए. उनसे दो पिस्टल भी जब्त की गईं.
शुक्रवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया तो वहां से 14 दिन की ज्युडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया.
वैसे आप जान लें कि पंचायत चुनाव के दौरान सपा से रामपाल यादव को निकाल दिया गया था. इसके बाद उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में पार्टी के खिलाफ प्रत्याशी खड़े किए और जीत भी दिलाई. हालांकि, बाद में उनका निलंबन वापस ले लिया गया.

जब कायदे में हौंके गए रामपाल यादव.
हजरतगंज के जियामऊ इलाके में ये बिल्डिंग बन रही थी. वीसी ने रामपाल यादव से बिल्डिंग के कागज और अदालत की कॉपी मांगी. जिसके बाद बहस गरम हो चली. चश्मदीद तो यहां तक कहते हैं कि इस दौरान विधायक ने वीसी पर हाथ भी उठा दिया था. जिसके बाद एसएसपी राजेश पांडेय मौके पर पहुंचे. जब विधायकजी पुलिस वालों से भी भिड़ने लगे, गाली-गलौज करने लगे, तब लट्ठ फेरने का आदेश पारित हुआ. जवाब में उधर से पिस्टल निकल आई.
SSP ने बिठाकर टिंचर दिया तो विधायक जी का सारा भोकाल घुस गवा. गिरफ्तारी के बाद कहने लगे कि हमारे पास निर्माण के पूरे कागज़ है और एलडीए जबरन तोड़-फोड़ मचा रहा है. लेकिन इस घटना के बाद सीतापुर में भी उनकी एक अवैध बिल्डिंग तोड़ दी गई.
फिर सीतापुर में भी प्रसाद पा गए
सीतापुर में जिला प्रशासन ने रामपाल यादव की सरपरस्ती में अवैध रूप से बने स्पर्श होटल को गिराने की कार्यवाही शुरू कर दी. यह होटल शहर के कोतवाली इलाके के पास एनएच 24 के करीब बना है. अच्छा चलता होगा. डीएम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और होटल की बाउंड्रीवॉल गिरा दी.इस बीच होटल के मालिक ने हाईकोर्ट का आदेश पेश किया और वहां होने वाले शादी समारोह का हवाला दिया. जिसके बाद बिल्डिंग ढहाने का काम फिलहाल रोक दिया गया. लेकिन होटल और बार को सील कर दिया गया है.
बिसवां के सपा विधायक रामपाल यादव ने अपनी सरपरस्ती में 'स्पर्श होटल' बनवाया था. बिना नक्शे के पास करा लिया गया. प्रशासन के सामने अवैध निर्माण हुआ पर उनकी हिम्मत नहीं हुई कि इसे रोक पाएं. अभी लखनऊ में वो ताजा चोट खाए हैं तो सीतापुर वाले भी जाग गए हैं. प्रशासन ने कहा है कि हाइकोर्ट के आदेश को अच्छे से पढ़कर-समझकर होटल गिराने की कार्यवाही दोबारा शुरू की जाएगी.
एडीएम सीतापुर सर्वेश कुमार दीक्षित ने बताया कि होटल के अंदर एक बार और रेस्टोरेंट भी अवैध रूप से चल रहा था. उसकी जांच की जा रही है.













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