प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नोटबंदी का फैसला लोगों को अब तक बहुत कुछ दिखा चुका है. बैंकों और ATM के बाहर लोग घंटो लाइन लगाए रहते हैं. कई बार उनका नंबर आने तक पैसे खत्म हो जाते हैं, तो कई जगह उन्हें अपने पैसे के लिए पुलिस की लाठियां भी खानी पड़ती हैं. लंबे समय तक कतार में खड़े रहने वाले कई लोगों और ओवरटाइम करने वाले कई बैंक कर्मचारियों की मौत हो चुकी है. इतने के बावजूद अभी तक लोगों के पास पैसा नहीं है और नरेंद्र मोदी 50 दिन का वक्त मांग रहे हैं.
नोटबंदी: नकद पैसों के लिए करा दी नसबंदी
लोगों के पास पैसे नहीं हैं. जुगाड़ के लिए देखिए कैसे-कैसे तरीके अपना रहे हैं.


ग्रामीण इलाकों में किसी भी तरह पैसा न हासिल कर पाने वाले लोगों ने इस किल्लत का सामना करने का बड़ा अजीब उपाय खोजा है. नसबंदी.
पैसों के लिए नसबंदी का दावा करने वाले पूरन
यूपी के कई गांवों में इस तरह की खबरें सामने आईं कि पैसे न होने की वजह से लोगों ने नसबंदी करा ली. नसबंदी कराने पर सरकार की तरफ से तुरंत दो हजार रुपए नकद दिए जाते हैं. अलीगढ़ के एक गांव में रहने वाले पूरन शर्मा ने भी दावा किया कि पैसे न होने पर दो हजार रुपयों के लिए उन्होंने नसबंदी करा ली.
ANI से बातचीत में पूरन ने कहा, 'मेरे पास नौकरी नहीं है और मुझे पैसों की सख्त जरूरत थी. मुझे पता चला कि नजदीक में ही जो नसबंदी का कैंप लगा है, वहां नसबंदी कराने पर दो हजार रुपए मिल जाते हैं, तो मैंने ये करने का फैसला कर लिया.'
CMO डॉ. रूपेंद्र गोयल
पूरन के बारे में जब अलीगढ़ के CMO डॉ. रूपेंद्र गोयल से बात की गई, तो उन्होंने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, 'हां. पूरन शर्मा नसबंदी कैंप में आए थे और अपनी पत्नी को भी साथ लाए थे. उनकी पत्नी की सेहत अच्छी नहीं थी, इसलिए उनकी नसबंदी नहीं की जा सकी, लेकिन हमने पूरन की नसबंदी कर दी है. सरकार के फैमिली प्लानिंग प्रोग्राम के तहत पूरन को दो हजार रुपए भी दिए.'

















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