पंजाब बोर्ड की वजह से लाखों पप्पू फेल होने से बच गए!
गबरू दा क्रू एक या एक से ज्यादा विषयों में फेल था, पर 27 ग्रेस मार्क्स के बाद पंजाब में एकदम बहार है.
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फोटो - thelallantop
देश में स्कूल एजुकेशन और रिजल्ट को लेकर राज्यों में होड़ लगी हुई है. पहले बिहार ने रिकॉर्ड बनाया. अब पंजाब ने. पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड अपने बच्चों की जीत निश्चित करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. 2016 दसवीं बोर्ड एग्जाम में 1 लाख से ऊपर बच्चों को 30 नंबर तक 'ग्रेस मार्क्स' देकर पास किया गया है. वहीं बारहवीं में 30 नंबर तक दिए गए हैं. गबरू दा क्रू एक या एक से ज्यादा विषयों में फेल था. पर अब पास है. पंजाब में एकदम बहार है. अगर बोर्ड ने ऐसा नहीं किया होता तो पंजाब में इस साल मात्र 39.5% बच्चे दसवीं पास कर पाते. इस 'ह्रदय-उदारता' से 72.25% बच्चे पास हुए हैं. वहीं बारहवीं में पास पर्सेंटेज 54 से 76 हो गया है.बोर्ड ने अपने नियमों को ही ताक पर रख दिया है. नियम के हिसाब से टोटल 650 मार्क्स का 1% यानी 7 से ज्यादा नंबर नहीं दिए जा सकते. उस वक़्त बिहार में एक कदम आगे बढ़कर टॉपर बनाये जा रहे थे. पर पंजाब में पूरी पब्लिक के बारे में सोचा जा रहा था. इसके लिए बोर्ड ने जेम्स बांड स्टाइल में दिल्ली की दो सॉफ्टवेयर कंपनियों से बात की. और फ़ॉर्मूले मांगे जिससे ग्रेस मार्क्स दिए जा सकें. ग्रेस मार्क्स उस केस में दिए जाते हैं जब पेपर में कोई गलती हो. पर यहां पेपरों में कोई गलती नहीं थी. 25 मई को रिजल्ट आया और 24 मई को बोर्ड ने अपना काम कर दिया. 2015 में भी पास परसेंटेज 48.22% था जो बाद में 65.21% हो गया. उस समय भी बोर्ड ने पश्चाताप करते हुए कोई फार्मूला लगाया था. ये नए तरह का सरकारी स्कैम है. विपक्षी कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर आरोपों की गोलीबारी शुरू कर दी है. पर सरकार की चमड़ी बहुत मोटी है. अभी ये लोग स्वीकार भी नहीं कर रहे.
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