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पंजाब: सड़कों पर किसान, जगह-जगह पुलिस, मोदी सरकार से 50 हजार करोड़ क्यों मांग रहे?

चंडीगढ़ में प्रदर्शन करने जा रहे किसानों की मांग है कि बाढ़ के चलते उनकी फसलों को जो नुकसान हुआ है, उसके लिए उन्हें मुआवजा दिया जाए.

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किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. (फोटो: PTI)

पंजाब के मोहाली जिले में किसानों के प्रदर्शन (Punjab Farmers Protest) के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. किसान चंडीगढ़ में विरोध प्रदर्शन करने वाले हैं. किसानों की मांग है कि हाल ही में बाढ़ के चलते उनकी फसलों को जो नुकसान हुआ है, इसके लिए उन्हें मुआवजा दिया जाए.

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोहाली जिले में 27 जगहों पर करीब एक हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. विरोध प्रदर्शन करने जा रहे किसान मोहाली के जरिए ही चंडीगढ़ में प्रवेश करेंगे. इन पुलिसकर्मियों को किसानों को चंडीगढ़ जाने से रोकने के लिए तैनात किया गया है.

इससे पहले 21 अगस्त को किसानों ने संगरूर में विरोध प्रदर्शन किया था. इस दौरान पुलिसकर्मियों और किसानों के बीच झड़प हुई थी. इसमें एक किसान की मौत हो गई थी और पांच पुलिसकर्मी घायल हुए थे. दरअसल, चंडीगढ़ के प्रदर्शन में हिस्सा लेने जा रहे कुछ किसान संगठनों के नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था. संगरूर में इन्हीं किसान नेताओं को रिहा करने की मांग के साथ विरोध प्रदर्शन हो रहा था.

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किसान संगठनों का आरोप है कि पुलिस ने किसान नेताओं के घरों पर छापे मारे और उन्हें हिरासत में ले लिया ताकि वो विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ना ले पाएं. इस प्रदर्शन में 16 किसान संगठन शामिल हैं. किसान मजदूर संघर्ष समिति, भारतीय किसान यूनियन (क्रांतिकारी), भारतीय किसान यूनियन (एकता आजाद), आजाद किसान समिति, भारतीय किसान यूनियन (बहरामके) और भूमि बचाओ मुहिम इनमें से कुछ प्रमुख नाम हैं.

क्या हैं मांगें?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, किसान संगठन केंद्र सरकार से 50 हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग कर रहे हैं. यह पैकेज पूरे उत्तर भारत में बाढ़ की वजह से बर्बाद हुई फसलों के लिए मांगा जा रहा है.

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इसके साथ ही किसान संगठनों की मांग है कि फसल बर्बादी के लिए प्रति एकड़ के हिसाब से 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए. वहीं अगर बाढ़ की वजह से किसी के घर को नुकसान पहुंचा है तो उसे पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए. किसी के परिवार के सदस्य की जान अगर बाढ़ की वजह से गई तो घरवालों को 10 लाख रुपये का मुआवजा मिले.

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