पोप फ्रांसिस की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है (Pope Francis Critical Condition). वे पिछले एक हफ्ते से फेफड़ों में गंभीर संक्रमण की वजह से अस्पताल में भर्ती हैं. वेटिकन ने शनिवार, 22 फरवरी को एक बयान जारी कर बताया कि पोप फ्रांसिस लंबे समय से अस्थमा से पीड़ित हैं. इस वजह से उन्हें सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ा और उन्हें ज्यादा ऑक्सीजन देने की जरूरत पड़ी. डॉक्टरों ने बताया उन्हें खून की कमी (एनीमिया) से जुड़ी समस्या भी है. जिसके चलते उन्हें खून चढ़ाया गया.
जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे पोप फ्रांसिस, कभी भी बिगड़ सकती है हालत
डॉक्टरों के मुताबिक, Pope Francis की हालत कभी भी बिगड़ सकती है. इसलिए उन्हें कम-से-कम एक हफ्ते अस्पताल में रहना होगा. वे पिछले एक हफ्ते से फेफड़ों में गंभीर संक्रमण की वजह से अस्पताल में भर्ती है.
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पोप के निजी चिकित्सक डॉ. लुइगी कार्बोन ने कहा कि वे अभी भी खतरे से बाहर नहीं हैं. उनकी हालत कभी भी बिगड़ सकती है. जानकारी के मुताबिक, पोप फ्रांसिस को 14 फरवरी को रोम के जेमेली अस्पताल में भर्ती कराया गया था. शुरुआती जांच में पता चला कि उनके ‘ब्रॉन्काइटिस’ (वायुमार्ग में सूजन) के लक्षण बढ़ गए थे, जिसके बाद डॉक्टरों ने उनकी बारीकी से जांच की. जांच में पता चला कि उनके दोनों फेफड़ों में निमोनिया है. जिसकी वजह से उन्हें सांस संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. सर्दी के मौसम में पोप को ब्रॉन्काइटिस होने का खतरा बना रहता है. इससे पहले भी मार्च 2023 में भी उन्हें ब्रॉन्काइटिस की समस्या के चलते तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था.
रक्त संक्रमण का खतरावेटिकन ने बताया कि 88 साल के पोप फ्रांसिस ने दिन भर कुर्सी पर बैठकर दिन बिताया. उन्हें पहले की तुलना में ज्यादा दर्द है. डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी हालत कभी भी बिगड़ सकती है. इसलिए उन्हें कम-से-कम एक हफ्ते अस्पताल में रहना होगा. डॉक्टरों का कहना है कि पोप को सबसे बड़ा खतरा सेप्सिस (रक्त संक्रमण) का है, जो निमोनिया की जटिलताओं में से एक है. शनिवार को एक अपडेट जारी कर बताया गया कि पोप रात में अच्छी नींद लेने में सफल रहे. हालांकि, इस मामले में कोई भी भविष्यवाणी नहीं की जा सकती.
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अंगो के फेल होने का खतराजेमेली अस्पताल के चिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ. सर्जियो अल्फिएरी ने कहा कि पोप के श्वसन तंत्र में मौजूद बैक्टीरिया अगर खून में चले गए, तो सेप्सिस हो सकता है. इस स्थिति में अंगों के फेल होने का खतरा बना रहता है, जिससे किसी की मौत भी हो सकती है. डॉ. अल्फिएरी ने कहा कि उनकी उम्र और श्वसन संबंधी समस्याओं को देखते हुए सेप्सिस से उबरना बेहद मुश्किल होगा.
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