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पाकिस्तानी ने माना, ऐसा धमाका हुआ कि हर तरफ तबाही मच गई थी

इंडियन एयरफोर्स की स्ट्राइक का सबूत फिर से पाकिस्तान ने ही दे दिया है.

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बालाकोट एयरस्ट्राइक पर पाकिस्तान खुद बेनकाब हो गया
झूठ को बार-बार दोहराने से सच नहीं हो जाता. पाकिस्तान को चाहिए कि इस बात की घुट्टी बनाकर पी ले. तब शायद वो भविष्य में झूठ बोलना कम कर देंगे. खैर, मुद्दे पर आते हैं. पुलवामा में आत्मघाती हमला हुआ था. भारत के 40 जवान शहीद हुए थे. इसका बदला भारत ने पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक करके लिया. भारत ने पाकिस्तान में घुसकर कई आतंकी ठिकाने उड़ाए. इसमें कई आतंकवादी मारे गए. फिर पाकिस्तान ने कहा कि ऐसा कुछ हुआ ही नहीं. झोले भर-भर के झूठ बोलने शुरू कर दिए. फर्जी तस्वीरें डालने लग गए. लेकिन उस जगह पर किसी को नहीं जाने दिया, जहां भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक की.
इंडिया टुडे की स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (SIT)ने पाकिस्तान के झूठ की पोल खोल दी है. इंडिया टुडे ने पाकिस्तान में बैठे कई लोगों से बात की, जिससे पता चला कि भारत के हमले के बाद पाकिस्तान की हालत खराब हो गई. इंडिया टुडे की जांच में ये बात भी साफ हुई कि पाकिस्तान में अब भी जैश खुले आम चंदा उगाही का काम कर रहा है. उसकी आतंकी गतिविधियां लगातार जारी हैं.
इंडिया टुडे की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने बालाकोट में जैश के ठिकाने के पास मस्जिद में काम करने वाले मोहम्मद नईम से बात की. ये वही जगह है, जहां भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को एयर स्ट्राइक की थी. मोहम्मद नईम ने बताया कि भारत की तरफ से किए गए एयर स्ट्राइक में पाकिस्तानी सैनिक भी मारे गए.
नईम ने SIT को फोन पर अपनी पहचान की पुष्टि करते हुए कहा, ‘मैं सेहरी की नोर मस्जिद से बोल रहा हूं.’
रिपोर्टर ने नईम से जानना चाहा, ‘भारत के एयर स्ट्राइक में कितने लोग मारे गए?’
नईम ने कहा, ‘मैंने देखा और जो पढ़ा, पाकिस्तानी सेना के 4 या 5 लोग मारे गए.’
रिपोर्टर- ‘पाकिस्तानी सेना?’
नईम- ‘हां, सेना के लोग भी मारे गए.’
रिपोर्टर- ‘क्या आप पक्के तौर पर कह रहे हैं कि वो मारे गए...’
नईम- ‘हां...हां.’
मोहम्मद नईम ने 4-5 पाकिस्तानी सैनिक के मारे जाने की बात कबूली
मोहम्मद नईम ने 4-5 पाकिस्तानी सैनिक के मारे जाने की बात कबूली (तस्वीर- इंडिया टुडे).

नईम की बातचीत से ये साफ हो गया कि पाकिस्तान में आतंकी कैंप को पाकिस्तानी सैनिक सुरक्षा दे रहे थे. इसके बाद इंडिया टुडे की एसआईटी ने बालाकोट के पास ही एक और मस्जिद के इमाम रहमान से बात की. रहमान ने भारतीय वायुसेना की एयरस्ट्राइक को ‘कयामत का मंज़र’ बताया. रहमान ने इस बात की भी हामी भरी कि एयर स्ट्राइक से जैश के ठिकाने वाली इमारत को भारी नुकसान हुआ.
रहमान ने अपने फोन नंबर- 312-580XXXX से बातचीत में कहा-
‘वहां एक इमारत को नुकसान पहुंचा. हां हर कोई जाग गया था. धमाकों की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि हर कोई घर से बाहर आ गया. चार से पांच धमाके हुए. हर कोई डर गया था. ये क़यामत का मंज़र था.’
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रहमान ने एयर स्ट्राइक को 'कयामत का मंज़र' बताया है.(तस्वीर- इंडिया टुडे).

भारत के एयर स्ट्राइक के बाद अगले दिन पाकिस्तान ने भारत में घुसने की कोशिश की थी. पाकिस्तानी वायुसेना ने F16 विमान का इस्तेमाल किया था, जिसे भारत के मिग 21 ने मार गिराया था. सबूत के तौर पर भारत ने पाकिस्तान की तरफ से दागी गई मिसाइल के टुकड़े को भी दिखाया. इसके बावजूद पाकिस्तान इस बात को मानने से इनकार करता रहा. इंडिया टुडे की टीम ने PoK के एक पुलिस अधिकारी से इंटेलिजेंस का अधिकारी बनकर बात की. इस दौरान वो इस बात पर सहमत हो गया कि वो उस जगह की देखभाल और सुरक्षा करेगा, जहां भारतीय सेना ने पाकिस्तान के F16 को मार गिराया है.
फोन उठाने वाले पुलिस अधिकारी ने खुलासा किया कि पाकिस्तानी सेना ने पूरे सुरक्षा विभाग को पाकिस्तान के गिरे लड़ाकू विमान के बारे में कोई भी जानकारी किसी को ना देने का आदेश दिया था.
लड़ाकू विमान के बारे में कोई भी जानकारी
लड़ाकू विमान के बारे में कोई भी जानकारी देने के लिए मना किया गया था. (तस्वीर- इंडिया टुडे).

इंडिया टुडे के रिपोर्टर और पाकिस्तानी अधिकारी की कुछ इस तरह से बात हुई.
रिपोर्टर- ‘किसने तुम्हें ये आदेश दिए?’
पुलिस अधिकारी ने जवाब दिया- ‘सर, ये फैसला हमारे वरिष्ठ अधिकारियों की सेना के अधिकारियों के साथ बैठक में लिया गया.’
भिंबर के पुलिस अधिकारी ने विमान के मलबे की मौजूदगी से इनकार नहीं किया. उसने कमान का आदेश मानने के लिए हामी भरी. उसे उस जगह पर जाकर सुरक्षा करने के लिए कहा गया, जहां भारतीय लड़ाकू विमान की ओर से गिराए विमान F16  का मलबा गिरा था.
रिपोर्टर ने अधिकारी से कहा-
 ‘मैं कैप्टन हनीफ़ हूं. उस जगह पर जाओ जहां पाकिस्तानी जेट गिरा था. और ये पक्का करो कि कोई भी विदेशी पत्रकार वहां ना जाने पाए.’
पुलिस अधिकारी कहता है ‘ओके’.
रिपोर्टर- ‘मैं उस जगह की बात कर रहा हूं जहां पाकिस्तानी जेट गिरा था. किसी को भी ये पता नहीं चलना चाहिए कि हमारा विमान गिरा था.’ 
पुलिस अधिकारी फिर कहता है ‘ओके, ओके’.
फोन उठाने वाले पुलिस अधिकारी ने खुलासा किया कि पाकिस्तानी सेना ने पूरे सुरक्षा विभाग को पाकिस्तान के गिरे लड़ाकू विमान के बारे में कोई भी जानकारी किसी को ना देने का आदेश दिया था.
भिंबर के पुलिस अधिकारी ने विमान के मलबे की मौजूदगी से इनकार नहीं किया (तस्वीर- इंडिया टुडे)

पुलवामा हमले के बाद जब भारत की ओर से पाकिस्तान पर प्रेशर बढ़ा, तब पाकिस्तान ने कई बार कहा कि वो शांति के लिए काम कर रहा है. इमरान खान ने भी सामने आकर शांति की अपील की. लेकिन पाकिस्तान की शांति वाली बात भी हर बार की तरह सिर्फ झूठ निकली. क्योंकि पाकिस्तान में अब भी आतंकी संगठन के लिए फंड जुटाने का काम लगातार जारी है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने विदेशी मीडिया से बात करते हुए कहा था-
‘मसूद अज़हर पाकिस्तान में है और काफी बीमार है. इतना बीमार कि घर से बाहर भी नहीं निकल सकता.’
लेकिन कुरेशी के बयान के ठीक उलट पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता आसिफ गफूर ने कहा-
‘जैश-ए-मोहम्मद का पाकिस्तान में कोई वजूद नहीं है. इस पर संयुक्त राष्ट्र और पाकिस्तान की ओर से प्रतिबंध लगा हुआ है.’
लेकिन इसकी हकीकत कुछ और है. इंडिया टुडे की SIT की जांच में ये बात सामने आई कि पाकिस्तान में जैश लगातार फंड जुटा रहा है. वहां जैश ‘अल कलाम’ नाम के साप्ताहिक अखबार के ज़रिए बाकायदा विज्ञापन देकर फंड जुटाने का काम कर रहा है. इंडिया टुडे के रिपोर्टर ने विज्ञापन में छपे नंबर पर बातचीत की. जो फंड जुटाने का काम कर रहा था, उसका नाम मोहम्मद रियाज़ था. रिपोर्टर ने मोहम्मद रियाज से उसके दिए गए नंबर पर बातचीत की.
रिपोर्टर ने मो. रियाज से कहा,
‘मैंने आपका एड देखा और मैं डोनेट करना चाहता हूं.’
मो. रियाज- ‘मैं कराची में हूं लेकिन मेरे लोग लाहौर में हैं. ये मेरा बलोचिस्तान का नंबर है. अगर आप लाहौर में हैं तो आप उनसे लाहौर में या सेंट्रलाइज्ड नंबर पर बात कर सकते हैं.
मो रियाज- मैं आपको नंबर देता हूं. इसे नोट कीजिए- 0321-25xxxxx.’
रिपोर्टर- ‘ये किसका नंबर है?’
मो. रियाज- ‘ये अब्दुल्ला नदीम साहेब का है.’ 
जब मो. रियाज से दोबारा फोन पर संपर्क किया गया तो उसने डोनेशन अपने निजी खाते में जमा करवाने के लिए कहा.  मो रियाज़ ने कहा-
‘जैश का अपना कोई खाता नहीं है. लेकिन मैं आपको अपना निजी खाता नंबर दे सकता हूं. अगर आप इसमें पैसा जमा करेंगे, तो मैं उसे यहां किसी करीबी को सौंप दूंगा...इंशाअल्लाह...’
इंडिया टुडे की रिपोर्ट देखिए-
मो. रियाज  ने बताया कि ये खाता मोहम्मद रियाज़ के नाम से कराची के बैक इस्लामी में है. खाता नंबर- 100200124*****1. मो रियाज ने दावा किया कि इस तरह के लेनदेन की कोई निगरानी नहीं होती. मो. रियाज ने आगे कहा, ‘ये मेरा निजी खाता है. किसी को भी इसके बारे में जानकारी नहीं है.’
इस पूरी पड़ताल के बाद ये बात साफ हो चुकी है कि भारत के एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान को नुकसान तो पहुंचा. इसके बावजूद पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियां लगातार जारी हैं.


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