नीमच में एक रुपए में पांच किलो प्याज मिल रही है, सच्ची में
अब की बार प्याज महंगाने नहीं सस्ताने के लिए खबर में है, इत्ती सस्ती कि एक नोट में बोरा भर जाए.
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Source- ferrebeekeeper
प्याज बिक रही है. प्याज बिकता है. बिकती है या बिकता में कन्फ्यूजन है, ये कन्फ्यूजन बरकरार रखते हुए खबर पढी जाए. महंगी बिकती है तो खबर बनती है. अब सस्ती बिकने पर खबर में है. महासस्ती बिक रही है. कित्ती चीप. इत्ती कि एक रुपए में पसेरी भर तुल जाए. पसेरी मने 5 किलो. ये हकीकत है मध्य प्रदेश के नीमच जिले की. यहां पर किसान हुसड़कर प्याज बोते हैं. लोग इतनी प्याज खा नहीं पा रहे है जितनी किसान उगा रहे है. जाहिर है कि इस उम्मीद के साथ. कि उनकी जिंदगी में प्याजी सुर्ख सुख के रंग उतरेंगे. मगर भरसांड़ की दिक्कत. खेत से खोद लिया. रखें कहां. तो ले जा रहे हैं मंडी. मगर मंडी में आवक इत्ती कि बिकने की नौबत ही न आए. नतीजतन प्याज तुल रहा है 20 से 30 पैसे किलो. सबसे अच्छी क्वालिटी की प्याज भी 5-7 रुपए किलो से ज्यादा की नहीं बिक रही है. एक टाइम था जब प्याज के नाम पर सरकार-सरकार का भी खेला चला करता था. प्याज को महंगाई का थर्मामीटर माना जाता है, अब लोग मानते हैं सो मानते हैं. माने सरकार कितने ढ़ंग से काम कर रही है, वो प्याज के रेट के व्युत्क्रमानुपाती होवे है. ज्यादा दिन नहीं हुए हैं जब प्याज 80 रुपए किलो बिक रही थी, माने आज के हिसाब से लो तो उतने में 400 किलो प्याज आ जाए. पर इस बात पर किसान को थैंक्यू न बोल दीजिएगा. किसान रो रहा है. नीमच मंडी में रोज 150 क्विंटल तक प्याज बिकने आती है. पर सिर्फ आती है बिकती नही है. किसान मजबूर हैं. सड़ाने से बेहतर मुफ्त के दाम निकाल रहे हैं.
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