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मुख्यमंत्री अखिलेश जी, नेशनल हाईवे में मां-बेटी से गैंगरेप हो गया, UP पुलिस सोती रही

पीड़ित परिवार जब थाने पहुंचा तो पुलिस ने नहीं दर्ज की शिकायत.

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फोटो - thelallantop
खुली सड़क. नेशनल हाईवे. आते-जाते लोग. भीड़ रहती है तो लाजिमी है कि डर कुछ कम रहता है. इंसान की शक्ल में भेड़ियों का डर. दिल्ली-कानपुर हाईवे में ये डर शनिवार को जीत गया. तब जब नोएडा की एक फैमिली यूपी के शाहजहांपुर जा रही थी. तब बुलंदशहर की कोतवाली देहात के पास रास्ते में मिले नासपीटे गुंडों ने इस फैमिकी की कार को रोका. पहले लूटपाट की. फिर मां-बेटी के साथ गैंगरेप किया. इलाके के थाने जाकर जब एसएचओ से शिकायत की गई, तो बजाय एक्शन लेने के उनने शिकायत तक दर्ज करना मुनासिब नहीं समझा.
यूपी के सीएम अखिलेश यादव चुनाव की तैयारी में हैं. आए दिन कहते रहते हैं कि कानून व्यवस्था बढ़िया है. मुलायम भी बोलते थे कि सपा को जिताओ, काम होगा.  क्या वो इस काम की बात कर रहे थे? कहीं कोई घटना होती है तो इसमें सीधे तौर पर सीएम का दोष नहीं है. पर जब शिकायत करने लोग थाने जाते हैं तो पुलिस को एक्शन लेना चाहिए. पर चूंकि ये यूपी पुलिस है. इसलिए शायद किसी ने बेइज्जती खराब करने की जहमत नहीं उठाई.
इस फैमिली के 4 लोग शाहजहांपुर अपने किसी रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में जा रहे थे.  रिपोर्ट के मुताबिक, ये फैमिली नोएडा की रहने वाली है. पति-पत्नी प्राइवेट सेक्टर में जॉब करते हैं. शनिवार को वो अपनी बेटी समेत 4 लोगों के साथ जा रहे थे. NH-91 के पास दोस्तपुर गांव है. सुबह के 2:30 बज रहे थे. वहां का रास्ता लोहे की रॉड से ब्लॉक था. जिसके चलते उन्हें अपनी गाड़ी रोकनी पड़ी. जैसे ही गाड़ी रुकी, आधा दर्जन लोग वहां आ पहुंचे. वो हथियारों से लैस थे. उन लोगों ने सब लोगों को गाड़ी से उतारा और जबरदस्ती जंगल में ले गए. 50 मीटर ले जाने बाद उन डकैतों ने उनसे पैसे, जूलरी, एटीएम कार्ड और बाकी के कीमती सामान लूट लिए. परिवार के मेल मेंबर के कनपट्टी पर बंदूक तानकर, उन लोगों ने औरत और उसकी 15 साल की बेटी को वहां से कुछ दूर हुए ले गए और उनका गैंगरेप किया. दो घंटे तक अपनी नीचता दिखाने के बाद डकैतों ने परिवार को छोड़ दिया. इसके बाद पीड़ित परिवार देहात कोतवाली जा पहुंचा. सारी बात बताई. लेकिन वहां कोई उनकी शिकायत लिखने को तैयार नहीं था. इसपर परिवार डीआईजी के पास जा पहुंचा और घटना के बारे में बताया. डीआईजी लक्ष्मी सिंह और बुलंदशहर एसएसपी वैभव कृष्णा फौरन पुलिस थाने आए. और घटना की रिपोर्ट वहां के एसएचओ आरएस सिंह को दर्ज करने को कहा. पर इसके बाद भी किसी ने क्राइम स्पॉट पर जाकर छानबीन करने या फिर डकैतों के बारे में जानने की जहमत नहीं उठाई. एसएसपी ने एसएचओ को अपनी ड्यूटी न करने के लिए सस्पेंड कर दिया है. और पुलिस की एक टीम बनाकर मामले की छानबीन करने को कहा है. साथ ही उन आधा दर्जन डकैतों, नासपीटों के खिलाफ FIR भी दर्ज कर ली गई है.

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