दरअसल मामला ये है कि न्यूयॉर्क टाइम्स ने तन्मय भट्ट के वीडियो के बाद से शुरू हुई कंट्रोवर्सी पर खबर की है. इसमें सचिन को भारत का मशहूर खिलाड़ी बताया गया है. पर लता मंगेशकर को तथाकथित गायिका बताया गया है. पहले भी न्यूयॉर्क टाइम्स ऐसी खबरें करता रहा है.
भारत के मार्स मिशन पर न्यूयॉर्क टाइम्स का कार्टूनइसके पहले इंडिया के मार्स मिशन का मजाक उड़ाते हुए न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक कार्टून छापा था. जिसमें भारत को पगड़ी बांधे हुए एक किसान के रूप में दिखाया गया था. इस तरह से सबसे कम बजट के स्पेस मिशन का मजाक उड़ाया गया था. इलीट स्पेस क्लब के दरवाजे खटखटाते हुए दिखाया गया था. इनको बताए कोई, भारत ही पहला देश है जिसने पहली बारी में मार्स तक पहुंच कर दिखाया.
पेरिस समिट पर न्यूयॉर्क टाइम्स का कार्टूनऐसेई पेरिस क्लाइमेट समिट के वक्त भी भारतीयों को नीचा दिखाने की कोशिश की थी इनने. भारत को पेरिस समिट की ट्रेन के ट्रैक पर बैठा हाथी बताया गया था.
तथाकथित न्यूयॉर्क टाइम्स तो खुद को फेमस अखबार मानता होगा. तो जिम्मेदारी निभाते हुए जरा फैक्ट चेक करना भी सीख ले-
विकिपीडिया की माने तो लता मंगेशकर ने 1000 से ज्यादा भाषाओं में गाने गए हैं. वो भी 37 भाषाओं मे. दूसरे आंकड़े कहते हैं, लता ने अब तक 50000 से ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए हैं.
इससे पता चलता है कि क्यों न्यूयॉर्क टाइम्स को लगता है कि लता 'सो कॉल्ड सिंगर' हैं. ये उनका फ्रस्ट्रेशन है. हीन भावना का नतीजा है. क्योंकि कोई भी अमेरिकी सिंगर इसके आस-पास नहीं भटकता. अगर इसे आप 'सो कॉल्ड' कहते हैं श्रीमान. तो मुझे आपसे कहना है- जाओ पाहिले पत्रकारिता सीख के आओ बउवा.























