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नई दिल्ली स्टेशन पर भगदड़ के कुछ ही घंटों बाद रेलवे ने वो कर दिया जो आमतौर पर नहीं होता

New Delhi Railway Station Stampede: हादसे के बाद रेलवे ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद पहुंचाने का एलान किया. सुबह जब शव लेने के लिए परिजन अस्पताल पहुंचे तो उन्हें 10 लाख रुपये कैश दिया गया. अब सवाल ये है कि रेलवे ने एक दिन में इतना कैश क्यों बांटा? क्या कहते हैं नियम?

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रेलवे ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद पहुंचाने का एलान किया था (फोटो: PTI)

शनिवार, 15 फरवरी की रात, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई (New Delhi Railway Station Stampede). हादसे के बाद रेलवे ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद पहुंचाने का एलान किया. रविवार, 16 फरवरी की सुबह जब शव लेने के लिए परिजन अस्पताल पहुंचे तो रेलवे की तरफ से उन्हें 10 लाख रुपये नकद कैश दिया गया. ये राशि 100-100 और 500 के नोटों के बंडलों में बांटी गई.

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अब सवाल ये है कि रेलवे ने एक दिन में इतना कैश क्यों बांटा? क्योंकि नियम तो कुछ और कहते हैं. रेल मंत्रालय ने 2023 में एक गाइडलाइन जारी की थी. गाइडलाइन के मुताबिक, रेलवे ‘तत्काल राहत’ के लिए सिर्फ 50,000 रुपये ही नकद दे सकता है. बाकी कैश का पेमेंट चेक, RTGS, NEFT या दूसरे तरीकों से किया जाना चाहिए.

क्या कहती है गाइडलाइन?

‘शुरुआती खर्चों की देखभाल के लिए तत्काल राहत के रूप में अधिकतम 50,000/- रुपये तक की राशि नकद में दी जाएगी. शेष राशि का भुगतान अकाउंट चेक/ RTGS/ NEFT या दूसरे ऑनलाइन पेमेंट मोड द्वारा किया जाएगा. रेलवे उचित समझे जाने पर अकाउंट चेक/ RTGS/ NEFT या दूसरे ऑनलाइन पेमेंट मोड द्वारा अनुग्रह राशि (ex-gratia)/बढ़ी हुई अनुग्रह राशि का पूरा पेमेंट कर सकता है.’

रेलवे ने क्या बताया?

16 फरवरी की सुबह, रेल मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में बताया गया,

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‘पहले दिन में भारतीय रेलवे ने सभी 18 मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी. दिन में गंभीर रूप से घायल यात्रियों को 2.5 लाख रुपए और मामूली रूप से घायल यात्रियों को 1 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया.’

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परिजनों को मिला 10 लाख कैश

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतको के परिजनों को कैश दिए जाने के बाद रेलवे अधिकारियों ने सुरक्षाकर्मियों को भी तैनात किया. ताकी कैश को सुरक्षित घर तक पहुंचाया जा सके. ‘एक्सप्रेस’ से बात करते हुए भगदड़ में अपनी पत्नी ममता झा (40) को खोने वाले विपिन कुमार झा ने बताया कि उन्हें भी पत्नी का शव सौंपे जाने के बाद 10 लाख रुपये कैश दिए गए. आगे उन्होंने बताया,

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उन्होंने (अधिकारियों ने) मुझसे यह भी कहा कि अगर मुझे यह पैसा घर ले जाने के लिए सुरक्षा की ज़रूरत पड़ी तो वे RPF कांस्टेबल को तैनात कर देंगे. मैंने उनसे कहा कि मुझे किसी सुरक्षा की ज़रूरत नहीं है क्योंकि मैं दिल्ली में रहता हूं.

आगे उन्होंने बताया कि जो लोग दिल्ली से बाहर के थे वे सुरक्षाकर्मियों को साथ ले गए. वहीं, अपने पति को खो चुकी मंजू कुशवाह ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया,

हमें 10 लाख रुपए मिले. यह सब नकद में दिया गया. इससे मदद तो मिलेगी, लेकिन इससे वह कभी वापस नहीं आ पाएंगे.

रिपोर्ट के मुताबिक, रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अनुग्रह राशि (ex-gratia) तत्काल राहत है और यह ‘मुआवजे’ से अलग है. उन्होंने कहा कि पीड़ितों के परिजनों को नकद राशि दी गई. बता दें कि लेडी हार्डिंग अस्पताल और लोक नारायण जयप्रकाश अस्पताल (LNJP) में घायलों का इलाज चल रहा है.

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