छोटे में हवाईजहाज उड़ता देखता तो दूर तक हाथ हिलाकर टाटा करता. हवाईजहाज बड़ी चीज रही है. प्लेन में घूमना ज्यादातर लोगों के लिए अब भी बड़ी बात है. ये बात हमें भी पता है और एयरलाइंस कंपनियों को भी. इसलिए एयरलाइंस कंपनियां टिकट फेयर में घुसेड़कर इंग्लिश के भारी-भारी वर्ड्स नाम वाले टैक्स वसूलते रहते हैं. लेकिन अब सरकार ऐसा जुगाड़ करने जा रही है कि एयरलाइंस कंपनियां पैसेंजर्स की ज्यादा चुंगी नहीं लगा पाएंगी. अविश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, इंग्लिश का वर्ड पैसेंजर हिंदी से पिसना वर्ड से बना है. पैसेंजर यानी वो जो ज्यादातर सफरों में पिसता है. पैसेंजर्स प्लेन की यात्रा के लिए पइसा भी खूब देते हैं लेकिन कंपनियां न ढंग की सुविधाएं देती हैं. न ही किराए में किसी तरह की इंसानी रहम वाली सहूलियत. पर अब सरकार ऐसे नियम लाने जा रही है, जिसके आने के बाद से अगर एयरलाइन कंपनी की वजह से देर होती है तो पैसेंजर को मुआवजा मिलेगा. टिकट कैंसिल कराने को लेकर भी सरकार रहम बरतने का जुगाड़ जल्दी कर देगी. एविएशन मिनिस्टर पी अशोक गजपति राजू और राज्यमंत्री महेश शर्मा इन्ही कामों में लगे हुए हैं. ये पूरी इंफॉर्मेशन भी इन्ही लोगों ने बताई. हालांकि ये प्रपोजल है. अभी सभी लोगों से राय ली जानी बाकी है. 15 दिन का वक्त है. इसके बाद सब ठीक रहा तो पैसेंजर्स का हिंदी वाला सफर, इंग्लिश वाला सफर नहीं बनेगा. अच्छा ये नियम बदल गए तो ये कुछ चेंजेस आ सकते हैं.
1. टिकट कैंसिल कराई, पैसे लौटाओ: अभी होता यूं है कि अगर खुदा न खास्ता प्लेन टिकट कैंसिल करा दो, तो इत्ता पैसा कट जाता है कि दिल धक्क से हो जाता है. नए नियम आने से एयरलाइन कंपनी के लिए ये जरूरी कर दिया जाएगा कि वो टैक्स, यूजर और एयरपोर्ट डेवलपमेंट फीस यात्रियों को लौटाने होंगे. ट्रैवल प्लान कैंसिल होना कोई गुनाह नहीं है. इसी बात को समझते हुए एयरलाइंस कंपनियों को पैसेंजर्स से जुर्माना वसूलने की इजाजत भी नहीं होगी.
2. कृपया प्रतीक्षा करें, हम पइसा चुकाएंगे: फिल्मों में देखा है. फ्लाइट हमेशा लेट हो जाती थी. हीरो-हीरोइन मिल नहीं पाते थे. एयरलाइंस कंपनियों की फ्लाइट्स बहुत लेट होती हैं. ऐसे में अगर कोई फ्लाइट 24 घंटे लेट हुई तो फ्यूल चार्ज का 200 फीसदी (मैक्सिमम 10 हजार रुपये) दिया जाएगा. अगर देरी 48 घंटे की हुई तो ये फीसदी बढ़कर 400 हो जाएगा. हालांकि 1 घंटे की देरी होने पर अगर कोई दूसरी फ्लाइट कंपनी ने मुहैया करा दी, तो इस बात के लिए एयरलाइन कंपनी को कोई कुछ नहीं कहेगा.
3. सामान बहुत है: इंसान चाहे 100 किलो का हो या 30 किलोग्राम का. उसको सामान लेने की इजाजत 15 किलो की होती है प्लेन में. इससे एक किलो भी ज्यादा हुआ तो कंपनियां एक किलो एक्सट्रा सामान का 300 रुपये लेती हैं. सरकार इसे 100 रुपये करने की कोशिश कर रही है.
4. पइसा लौटाओ मेरा: अगर आप इंडिया में कहीं टहलने जा रहे थे लेकिन प्लेन टिकट किसी वजह से कैंसिल करा दी तो आपको 15 दिन में पैसे वापस मिल जाएंगे. विदेश वाले मामलों में 30 दिन में पैसा आपकी पोटली में लौट आए, इसके लिए नियम रखा गया है.
5. ऑफर चल रिया है: ऑफर की वजह से जो लोग प्लेन टिकट कराते हैं. फिर कैंसिल करा देते हैं कुछ अड़चन आने पर. सरकार ऐसे जुगाड़ुओं का भी ख्याल रखेगी. ऐसे लोग अगर टिकट कैंसिल कराएंगे तो कंपनियों को बाकी लोगों की तरह इनके भी पैसे लौटाने होंगे. हालांकि अभी कंपनियां पइसा खा जाती हैं ऑफर वाले लोगों का.
एयर टिकट कैंसिल कराने पर लगेगी कम चुंगी
जो-जो लोग प्लेन में चढ़े उड़े हैं और जो-जो लोग ऐसी तमन्ना अब भी सीने में पाले हुए हैं, उनके लिए खुशखबरी है.
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फोटो - thelallantop
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