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ईरान के दो वैज्ञानिकों को इजरायल ने खाने में जहर मिलाकर मार दिया?

ईरान के इन वैज्ञानिकों ने कहां खाना खाया और कैसे हुई मौत? जानिए पूरी कहानी

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ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

हाल में ईरान (Iran) के दो वैज्ञानिकों की रहस्यमय हालात में मौत हो गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक उनमें से एक, अयूब एंतज़ारी एरोनॉटिकल इंजीनियर थे. वे एक मिलिट्री रिसर्च सेंटर के लिए काम करते थे, और दूसरे वैज्ञानिक कामरान अगमोलेई एक भूविज्ञानी (geologist) थे. खबर है कि दोनों ईरानी वैज्ञानिकों की मौत के पीछे इजरायल का हाथ है.

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न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में एक ईरानी अधिकारी और ईरान सरकार से जुड़े दो अन्य व्यक्तियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ईरान का मानना है कि इजरायल ने वैज्ञानिकों के खाने में जहर देकर हत्या को अंजाम दिया. रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों वैज्ञानिक ईरान की टॉप यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट थे. दोनों वैज्ञानिक युवा और स्वस्थ थे, लेकिन मई के अंत में वे बीमार पड़े और फिर ठीक नहीं हुए. आखिरकार लगभग 400 मील दूर दो अलग-अलग शहरों में उनकी मौत हो गई.

कौन थे ये दो ईरानी वैज्ञानिक?

रिपोर्ट के मुताबिक कामरान अगमोलेई ईरान के नटान्ज़ न्यूक्लियर फैसिलिटी में काम करते थे. हालांकि, उनके दोस्तों ने इससे इनकार किया है और कहा कि वह एक प्राइवेट जियोलॉजिकल रिसर्च कंपनी के लिए काम करते थे.

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वहीं, एंतज़ारी एरोनॉटिक्स में डॉक्टरेट थे और राजधानी तेहरान से लगभग 390 मील दक्षिण-पूर्व में स्थित यज़्द शहर में एक सरकारी एयरोस्पेस सेंटर के लिए मिसाइलों और हवाई जहाज टर्बाइनों से जुड़ी परियोजनाओं पर काम कर रहे थे. हालांकि एंतज़ारी कहां काम करते थे, इसे लेकर भी अलग-अलग बातें कही गई हैं.

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एंतज़ारी की मौत के बाद यज़्द प्रांत के गवर्नर ने उनके परिवार को एक पत्र दिया. इसमें उन्हें ‘शहीद’ बताया गया. इससे ये साबित होता है कि वे देश की सेवा करते हुए दुश्मन देश के हाथों मारे गए. हालांकि, बाद में गवर्नर के पब्लिक रिलेशन ऑफिस की ओर से कहा गया कि 'शहीद' शब्द का इस्तेमाल एक गलती थी. अधिकारियों ने इस बात से भी इनकार किया कि एंतज़ारी एक एयरोस्पेस इंजीनियर थे और कहा कि वे एक इंडस्ट्रियल कंपनी में काम करते थे. लेकिन, तस्वीरों और वीडियो में उन्हें 2019 में ईरान के पूर्व राष्ट्रपति हसन रूहानी के साथ मुलाकात करते हुए देखा गया था. उनकी यूनिवर्सिटी ने भी यही कहा कि वो एक एयरोस्पेस इंजीनियर थे. 

कैसे हुई दोनों ईरानी वैज्ञानिकों की मौत?

रिपोर्ट में एक सीनियर ईरानी अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि 35 वर्षीय एंतज़ारी यज़्द शहर में एक डिनर पार्टी में शामिल हुए थे. डिनर के बाद उनमें फूड प्वॉइजनिंग के लक्षण उभरे और 31 मई को उन्होंने दम तोड़ दिया. बताया गया है कि डिनर पार्टी का मेजबान गायब है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है.

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वहीं, दूसरे वैज्ञानिक अगमोलेई की बात करें, तो बताया जा रहा है कि वे तबरेज़ शहर में बिजनेस के सिलसिले में गए थे. इसके बाद 31 वर्षीय वैज्ञानिक राजधानी तेहरान पहुंचे, जहां उन्हें पेट दर्द और दस्त की शिकायत हुई. फिर उनकी हालत बिगड़ती चली गई. उनके एक दोस्त ने बताया कि इसके बाद उनके अंगों ने काम करना बंद कर दिया और 2 जून को उनकी मौत हो गई. 

अगमोलेई की मौत को लेकर तेहरान में स्थित तारबियाट मोडारेस यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट ने कहा कि अगमोलेई भूविज्ञान में डॉक्टरेट के छात्र थे. यूनिवर्सिटी के मुताबिक उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई. इसके अलावा, उनकी मौत को लेकर कोई और आधिकारिक बयान  सामने नहीं आया है. 

उधर, इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने ईरान में हाल में हुई दो मौतों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. 

बता दें कि इजरायल आरोप लगाता है कि ईरान लगातार अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है. इजराइल ने ईरान के परमाणु और हथियार कार्यक्रमों को कमजोर करने के लिए सालों तक गुपचुप तरीके से काम किया है. इसमें ईरानी विशेषज्ञों की टारगेटेड किलिंग भी शामिल है. वहीं, ईरान इजरायल के खिलाफ आवाज उठाने वाले क्षेत्रीय संगठनों की मदद करता है.

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