जम्मू और कश्मीर के हंदवाड़ा जिले में भीड़ ने आर्मी के एक जवान पर एक लोकल लड़की के मॉलेस्टेशन के आरोप लगाये
. जिसके बाद भीड़ उग्र हो गयी और आर्मी पर पत्थरबाजी शुरू कर दी. जवाबी फायरिंग में इंडियन आर्मी की गोलियों से पांच कश्मीरियों की मौत हो गयी.

Kasmiri men collect for last procession of elderly women killed in firing.
इस घटना के कुछ घंटों बाद पीड़ित लड़की का एक वीडियो सामने आया जिसमें उसने किसी भी सेना के जवान के हाथों छेड़-छाड़ का शिकार होने की बात को नकारा था. इस वीडियो के आने के कुछ समय बाद लड़की की मां ने कहा कि लड़की समेत पूरे परिवार पर सेना के खिलाफ़ कुछ भी न कहने का दबाव डाला जा रहा था.
इन सारी बातों को किनारे रखते हुए पीड़ित लड़की ने चीफ़ ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान में फिर से वही बात कही है जो उसने पहले वीडियो में कही थी. उसके अनुसार उसके साथ छेड़-छाड़ और मार पीट करने वाले दो लोकल लड़के थे जिसमें से एक ने स्कूल यूनिफार्म पहन रक्खी थी. उसने अपने पूरे बयान के दौरान आर्मी से जुड़े किसी भी सैनिक के बारे में कुछ नहीं कहा.
लड़की के बयान को रिलीज़ करते हुए पुलिस ने बताया कि लड़की 12 अप्रैल को स्कूल से अपने घर जा रही थी. रास्ते में हंदवाड़ा के मेन चौराहे के पास एक पब्लिक टॉयलेट में जाकर वहां से बाहर निकलने पर उसे दो लड़कों ने घेर लिया. उन्होंने उसका बैग छीन लिया. उनमें से एक लड़का स्कूल यूनिफार्म में था.
शनिवार को उस लड़की की मां ने कुछ अनजान सैनिकों पर उसे मॉलेस्ट करने के आरोप लगाये. उसने ये भी कहा कि लड़की पर आर्मी के खिलाफ़ कुछ भी न कहने का प्रेशर डाला जा रहा था.
उधर जम्मू बंद का ऐलान करने वाले अलगाववादी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने अब लड़की के बयान पर ही सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. साथ ही ये भी कहा कि आर्मी ने पांच लोगों को मार दिया जिसे किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता.















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