The Lallantop

पत्रकार से नेता बने मनीष सिसोदिया की कहानी, जो केजरीवाल के साथ 'जन दरबार' लगाते थे

मनीष सिसोदिया पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं.

Advertisement
post-main-image
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को 4 मार्च तक रिमांड पर भेज दिया गया है. (फोटो - बिज़नेस टुडे)

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) को शराब नीति घोटाला (Delhi Excise Scam) मामले में CBI ने गिरफ्तार कर लिया है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सिसोदिया को 4 मार्च तक के लिए रिमांड पर भी भेज दिया है. सिसोदिया की गिरफ़्तारी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) और उनकी पार्टी के लिए चिंता भी है और चुनौती भी. मनीष सिसोदिया केवल दिल्ली सरकार की शिक्षा नीति का चेहरा ही नहीं, बल्कि उन्हें पार्टी के राजनीतिक विस्तार की धुरी भी माना जाता है. दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र, मार्च के पहले या दूसरे हफ़्ते में होने की अपेक्षा है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

आम आदमी पार्टी जब से दिल्ली की सत्ता में आई है, तब से हर बार मनीष सिसोदिया ने ही सरकार का बजट पेश किया है. मतलब, सिसोदिया दिल्ली सरकार के एक महत्वपूर्ण चेहरे हैं. गृह, शिक्षा और वित्त से लेकर सतर्कता तक, सिसोदिया पर कुल 18 विभागों का कार्यभार है. इनमें से कई विभाग लेफ़्टिनेंट-गवर्नर के साथ जारी विवाद के निशाने पर भी रहते हैं. पूरी लिस्ट पढ़ने के लिए, यहां क्लिक करें.

आम आदमी पार्टी में कैसे आए?

मनीष सिसोदिया पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज के विधायक हैं. जन्म हुआ था हापुड़ ज़िले के फगौता गांव में, 5 जनवरी 1972 को. AAP में शामिल होने से पहले, सिसोदिया पत्रकार थे. 1996 से 1997 तक उन्होंने रेडियो जॉकी के तौर पर काम किया. फिर 1997 से 2005 तक एक निजी टीवी न्यूज चैनल के साथ काम किया. बाद में पत्रकारिता छोड़ दी और सूचना के अधिकार (RTI) के लिए चल रहे आंदोलन में चले गए. अन्ना हजारे की अगुवाई में जन लोकपाल आंदोलन का अभिन्न हिस्सा बन गए. प्रदर्शन के दौरान कई बार जेल भी गए. 

Advertisement

नवंबर 2012 में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से एक पॉलिटिकल पार्टी का उदय हुआ. नाम- आम आदमी पार्टी. अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी, खेल के नियम बदलने की बात करती थी. इसी दौरान सिसोदिया की एंट्री सक्रिय राजनीति में हुई. साल 2013 में सिसोदिया ने दिल्ली विधानसभा का चुनाव लड़ा और BJP के नकुल भारद्वाज को 11,478 वोटों से हराकर विधायक बन गए.

केजरीवाल के पुराने सहयोगी

सिसोदिया, अरविंद केजरीवाल के सबसे पुराने सहयोगियों में से एक हैं. 2006 में सिसोदिया ने केजरीवाल के साथ पब्लिक कॉज़ रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना की थी. इसके अलावा, केजरीवाल के साथ सिसोदिया ने 'कबीर' नाम का NGO शुरू किया था, जहां सरकारी अधिकारियों और लोगों के साथ छोटे स्तर की जन सुनवाई होती थी.

पार्टी शिक्षा मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल की मिसाल देती है. दावा करती है कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में दी जा रही बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता में एक बड़ा बदलाव देखा गया है. वित्त मंत्री के रूप में, सिसोदिया ने शिक्षा के लिए बजटीय आवंटन को दोगुना कर दिया, जो राज्य के पूरे बजट का लगभग 25% था.

Advertisement

लेकिन अभी तो मनीष के लिए बहुत सारी दिक़्क़तें हैं. उनपर घोटाले के गंभीर आरोप हैं. मनीष सिसोदिया के मामले की कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां मनीष सिसोदिया को 4 मार्च तक रिमांड में रखे जाने के निर्देश दिए गए हैं.

वीडियो: मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के वक़्त क्या-क्या हुआ?

Advertisement