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CM को जिम का उद्घाटन करना था, भीड़ आई, सब तोड़ कर मंच पर आग लगा दी

जिले में धारा 144 लग गई, इंटरनेट बंद कर दिया गया.

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मणिपुर में CM बीरेन सिंह के कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़-आगजनी. (फोटो- आजतक)

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को शुक्रवार, 28 अप्रैल को एक कार्यक्रम में जाना था, लेकिन उससे पहले ही वहां हिंसा हो गई. वहां मौजूद लोगों ने कार्यक्रम वाली जगह पर पहले जमकर तोड़फोड़ की, फिर मंच पर आग लगा दी. घटना मणिपुर के चुराचंदपुर जिले की है. हिंसा की गंभीरता के देखते हुए इलाके में इंटरनेट सर्विस बंद कर दी गई है. साथ ही धारा 144 लगा  दी गई है.

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CM के कार्यक्रम में आगजनी

समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री बीरेन सिंह को चुराचंदपुर के न्यू लामका इलाके में एक पीटी स्पोर्ट्स कॉम्प्लैक्स में बने ओपन जिम का उद्घाटन करना था. लेकिन गुरुवार, 27 अप्रैल की शाम को कई लोगों की भीड़ ने वहां आग लगा दी. साथ ही उद्घाटन के लिए आयोजित होने वाली सार्वजनिक बैठक के मंडप में भी तोड़फोड़ की. 

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हिए भीड़ को तितर-बितर किया. तब तक कार्यक्रम स्थल में काफी नुकसान हो चुका था. हालात के मद्देनजर चुराचंदपुर प्रशासन ने जिले में सुरक्षा बढ़ा दी है. स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है.

इंडियन एक्सप्रेस ने राज्य सरकार के ऑफिशियल सूत्रों का हवाला देते हुए अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि गुरुवार रात हुई हिंसा के पीछे स्वदेशी जनजातीय नेता फोरम (ITLF) के स्वयंसेवकों और समर्थकों का हाथ था. इस संगठन से जुड़े लोगों ने जिले में बंद का आयोजन करने का ऐलान किया था. ITLF को वहां के कुकी छात्र संगठन का समर्थन भी मिल रहा है. इनका दावा है कि राज्य के अदिवासियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है. 

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रिपोर्ट के मुताबिक ITLF कह चुका है कि वो सरकार के खिलाफ कदम उठाने के लिए मजबूर है. उसे मणिपुर में आरक्षित और संरक्षित वनों और वेटलैंड के सर्वे को लेकर आपत्ति है. इसे लेकर फोरम बीजेपी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर सवाल उठाता रहा है. इसके अलावा आदिवासी फोरम ने राज्य सरकार पर चर्चों को गिराने का भी आरोप लगाया है.

क्या है चर्चों को गिराने वाला मामला? 

मणिपुर सरकार ने पूर्वी इंफाल में 11 अप्रैल को तीन चर्चों को ये कहते हुए ढाह दिया था कि इन्हें अवैध रूप से बनाया गया था. ढहाए गए चर्चों में इवेंजेलिकल बैपटिस्ट कन्वेंशन चर्च, इवेंजेलिकल लूथरन चर्च और कैथोलिक होली स्पिरिट चर्च शामिल था. चर्च ढहाने के आदेश के खिलाफ मणिपुर हाई कोर्ट में याचिका भी दाखिल की गई थी लेकिन हाई कोर्ट ने रोक लगाने से इनकार कर दिया था.

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