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लातूर में पानी खरीदने के चलते लोग नहीं करवा रहे हैं सर्जरी

प्राइवेट छोड़ सरकारी अस्पतालों की तरफ बढ़े मरीज. सर्जरी के पैसों को पानी खरीदने के लिए किया जा रहा है इस्तेमाल.

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देश के कई स्टेट सूखे से बेहाल हैं. महाराष्ट्र के लातूर में सबसे ज्यादा सूखा है. पानी की ट्रेन दूसरे स्टेट से भेजी जा रही हैं. लातूर में पानी की वैल्यू इस बात से समझिए कि लोग पानी के लिए रुपये बचाकर रखने की खातिर अपनी सर्जरी तक नहीं करवा रहे हैं. बीते दिनों से लातूर में मरीजों के मेडिकल सर्जरी को टालने के मामले सामने आ रहे हैं. वजह पानी के लिए पैसा बचाकर रखने की ख्वाहिश बताया जा रहा है. द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, 50 साल के जीआर परदेशी को दिल का ऑपरेशन करवाना था. प्राइवेट अस्पताल वालों ने खर्च बताया 60 हजार रुपये. सरकारी अस्पताल वालों ने कहा कि इससे कम में भी सर्जरी की जा सकती है. परदेशी ने कहा, 'प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर ने कहा कि सर्जरी के लिए कुछ वक्त रुका जा सकता है. इसलिए मैंने ये फैसला किया कि इन खराब हालात में मैं रुपयों का इस्तेमाल अपने परिवार के लिए पानी खरीदने में कर सकता हूं. सर्जरी तो बाद में भी करवाई जा सकती है.'
जीआर परदेशी ऐसा करने वालों की लिस्ट में अकेले नहीं हैं. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की सेक्रेटरी डॉ. कालयाणी बारमाडे ने कहा, 'परेदेशी की तरह बहुत से लोग अपनी सर्जरी टाल रहे हैं. या फिर सरकारी अस्पतालों में सर्जरी करवाने के मामले बढ़ रहे हैं. ताकि प्राइवेट अस्पतालों में आने वाले खर्च से उनका घर का बजट न बिगड़े. इस बचे हुए पैसे से लोग अपने घर परिवार के लिए सूखाग्रस्त लातूर में पानी खरीद रहे हैं.'
बारमाडे ने कहा, 'प्राइवेट अस्पतालों में होने वाली सर्जरी में करीब 30-50 फीसदी की कमी हुई है. लोग अब लातूर में प्राइवेट अस्पतालों की तरफ सिर्फ इमरजेंसी होने पर ही जा रहे हैं.' हालांकि कुछ प्राइवेट अस्पतालों ने इस बात से इंकार किया. एक डॉक्टर के मुताबिक, 'हम हर महीने करीब 50 हजार रुपये का पानी खरीद रहे हैं. लेकिन हमने सर्जरी के रेट नहीं बढ़ाए हैं. ताकि मरीजों पर इसका दबाव न पड़े.' सूखे 100 साल पुराने कुएं लातूर में सूखे की मार ऐसी है कि 100 साल पुराने कुएं तक सूख गए हैं. चाकुर तालुक में वादवाल नागनाथ गांव के 100 साल पुराने कुओं के सूखने की खबर है. कुछ बोरेवल मालिकों का कहना है कि अब पानी का इस्तेमाल खेती नहीं, लोगों के लिए किया जाएगा.

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