मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में नर्मदा बचाव आंदोलन (Narmada Bachao Andolan) की नेता मेधा पाटकर (Medha Patkar) और 11 अन्य लोगों पर मामला दर्ज किया गया है. इन लोगों पर दान में मिले फंड का गलत इस्तेमाल करने का आरोप है. ये FIR एमपी के बड़वानी (Barwani) जिले में एक ग्रामीण की शिकायत पर दर्ज की गई है. आरोप है कि मेधा पाटकर ने आदिवासी छात्रों के लिए आवासीय स्कूलों की व्यवस्था के नाम पर इकट्ठे किए गए फंड का इस्तेमाल 'राजनीतिक और राष्ट्र विरोधी एजेंडे' के लिए किया.
चंदे का पैसा देश के खिलाफ इस्तेमाल करने का आरोप, मेधा पाटकर पर FIR
नर्मदा नवनिर्माण अभियान ट्रस्ट ने स्कूलों के लिए पैसा लिया और राष्ट्र विरोधी एजेंडे में लगा दिया, इस आरोप में मेधा पाटकर और 11 अन्य के ख़िलाफ केस दर्ज


न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बड़वानी जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीपक कुमार शुक्ला ने बताया,
एक निजी शिकायत के आधार पर मेधा पाटकर और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. शिकायत करने वाले शख्स ने पुलिस को कुछ दस्तावेज भी सौंपे हैं. पुराने लेनदेन के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया है. हालांकि, इसमें विस्तृत जांच की जाएगी. ये FIR तेमला बुजुर्ग गांव के प्रीतम राज द्वारा की गई शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है. प्रीतम राज ने शनिवार, 9 जुलाई को यह शिकायत बड़वानी पुलिस थाने में दी थी.
पुलिस के मुताबिक प्रीतम राज ने आरोप लगाए हैं कि मुंबई में रजिस्टर्ड नर्मदा नवनिर्माण अभियान ट्रस्ट (NNA) ने मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में नर्मदा घाटी के आदिवासी छात्रों के लिए आवासीय स्कूल खोलने के लिए इकट्ठे हुए पैसे का दुरुपयोग किया है. पीटीआई के मुताबिक शिकायतकर्ता ने ये दावा भी किया है कि ट्रस्ट ने विभिन्न सोर्स से 14 साल में करीब साढ़े 13 करोड़ रुपए इकट्ठा किए. लेकिन, इसका इस्तेमाल राजनीतिक और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में किया गया. शिकायतकर्ता प्रीतम राज के मुताबिक मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पूरे मामले की जांच किए जाने की जरूरत है. (लल्लनटॉप को फॉलो करें)
मेधा के अलावा FIR में प्रवीण रूमी, विजय चौहान, कैलाश अवश्य, मोहन पाटीदार, आशीष मंडलोई, केवल सिंह, संजय जोशी, श्याम पाटिल, सुनीत एसआर, नूरजी पदवी और केशव वसावे के नाम शामिल हैं.
एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने मीडिया को ये भी बताया,
मेधा पाटकर ने आरोपों पर दिया ये जवाबये मामला एमपी और महाराष्ट्र दो राज्यों से जुड़ा है. ऐसे में दस्तावेजों का वेरिफिकेशन कराया जाएगा और दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने के लिए कहा जाएगा. जांच के दौरान जो भी सामने आएगा, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.
उधर, मेधा पाटकर ने इन आरोपों को खारिज सिरे से कर दिया है. उन्होंने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा,
मैं सभी आरोपों का जवाब देने के लिए तैयार हूं. अगर शिकायत है तो हमारे पास खर्च किए गए पैसों का पूरा लेखा-जोखा और ऑडिट मौजूद है. ये आरोप राजनीतिक कारणों की वजह से लगाए गए हैं. अभी पुलिस की तरफ से मुझे किसी भी प्रकार की कोई सूचना नहीं मिली है.
मेधा पाटकर ने आगे कहा,
हमारा यह संगठन दशकों से पुनर्वास में लगा हुआ है. संगठन ने हमेशा इस तरह के आरोपों का जवाब दस्तावेजों के साथ दिया है...राष्ट्रवाद और राष्ट्रद्रोह की बहस तो इस समय पूरे देश में चल चल रही है. जो लोग सही काम कर रहे हैं और सिस्टम से सवाल पूछ रहे हैं, उन्हें देशद्रोही कहा जा रहा है. इसका जनता फैसला करेगी.
मेधा पाटकर ने इस दौरान ये भी कहा कि संगठन के फंड और खर्चों को वे नहीं देखती हैं, इसका ध्यान अन्य पदाधिकारियों द्वारा रखा जाता है.
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