पूर्व प्रधानमंत्री कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके थे. (फाइल फोटो)
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह कोरोना संक्रमित हो गए हैं. उन्हें इलाज के लिए दिल्ली AIIMS में भर्ती कराया गया है. मनमोहन सिंह कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके थे. उन्हें स्वदेशी कोवैक्सिन की पहली डोज 3 मार्च और बूस्टर डोज 4 अप्रैल को दी गई थी. इस लिहाज से वे दूसरे डोज के बाद 2 हफ्ते का समय पूरा कर चुके थे. मनमोहन सिंह ने रविवार,18 अप्रैल को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोरोना से निपटने के लिए 5 सुझाव दिए थे. उन्होंने यूरोप और अमेरिका में अप्रूवल पा चुकी वैक्सीन को देश में ट्रायल की शर्त के बिना इस्तेमाल की मंजूरी देने को कहा था. साथ ही वैक्सीनेशन ड्राइव में तेजी लाने और विदेशी कंपनियों से वैक्सीन मंगवाने के लिए एडवांस ऑर्डर देने की सलाह भी दी थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मनमोहन सिंह के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. राहुल गांधी ने ट्वीट किया,
डियर डॉक्टर मनमोहन सिंह जी. हम आपके जल्दी स्वस्थ होने की कामना करते हैं. इस गंभीर समय में भारत को आपके सलाह और गाइडलाइंस की जरूरत है.
पीएम मोदी ने ट्वीट किया
हम हमारे पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के अच्छे स्वास्थ्य और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं.
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया,
मेरी प्रार्थनाएं आज मनमोहन सिंह जी और उनके परिवार के साथ हैं. वह इस संकट से लड़कर जल्दी ही स्वस्थ हों.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने जानकारी दी है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की हालत स्थिर बनी हुई है. डॉक्टर हर्षवर्धन ने ट्वीट किया, मैंने एम्स में मनमोहन सिंह जी को देख रही मेडिकल टीम से उनके बारे में पूछा. उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है. उनका अच्छा ध्यान रखा जा रहा है. हम सब उनके शीघ्र ठीक होने की प्रार्थना करते हैं. मनमोहन सिंह ने दो दिन पहले कोरोना की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री मोदी को एक चिट्ठी लिखी थी. इस चिट्ठी पर सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने जवाब दिया था. तंज कसते हुए लिखा था,
” ऐसा लगता है कि जिन लोगों ने आपकी चिट्ठी तैयार की, उन्होंने आपको पूरा जानकारी नहीं दी, कोरोना वैक्सीन के आयात को मंजूरी देने की जो मांग आपने 18 अप्रैल को की है, सरकार उसकी इजाजत 11 अप्रैल को ही दे चुकी है. इसके साथ ही वैक्सीन निर्माण में धन और अन्य रियायतों से संबंधित निर्णय भी पहले ही कर लिए गए हैं. सरकार वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए कई वैक्सीन निर्माताओं को फंडिंग भी कर रही है.’
लेटर में जिस तरह की बातें लिखी गई हैं उसे लेकर कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर हर्षवर्धन की आलोचना की है.