जनता खेले सट्टा, मंत्री जी प्लीज माइंड द गैप
इंडियन क्रिकेट में सुधार के लिए जस्टिस लोढ़ा कमेटी ने SC को सौंपी सिफारिशें. साथ ही, IPL COO सुंदर रमण को दी क्लीन चिट.
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फोटो - thelallantop
भारतीय क्रिकेट में सुधार के लिए जस्टिस लोढ़ा कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस लोढ़ा कमेटी 2013 के IPL में स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी की जांच के लिए बनाई थी. उन्होंने इंडिया में क्रिकेट गवर्निंग बॉडीज के स्ट्रक्चर से जुड़ी कई बड़ी सिफारिशें की हैं. उन्होंने IPL के COO सुंदर रमण को क्लीन चिट दे दी है. साथ ही ये कहा है कि गवर्नेंस और मैनेजमेंट को अलग-अलग रखा जाना चाहिए. https://twitter.com/ANI_news/status/683904160245219328 इस कमेटी के हिसाब से BCCI की मदद के लिए तीन अथॉरिटीज होंगी. एक लोकपाल: जो अंदरूनी मामले देखेगा, BCCI और उसके अंदर के झगड़े निपटाएगा. ये सुप्रीम कोर्ट का रिटायर्ड जज या हाईकोर्ट का कोई रिटायर्ड चीफ जस्टिस होगा.
दूसरा एथिक्स ऑफिसर: हार्ई कोर्ट का कोई पूर्व जज. जिसका काम हितों के टकराव पर फैसला देना होगा. ये धांधली, भ्रष्टाचार और बुरे व्यवहार पर नजर रखेगा.
और तीसरा निर्वाचन अधिकारी: जो चुनाव से जुड़े काम देखेगा,वोटर लिस्ट तैयार करेगा. इसे चुनाव के कुछ हफ़्तों के पहले नॉमिनेट किया जाएगा.
ये हैं जस्टिस लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें
1. देश में सट्टेबाजी को कानूनी मान्यता दी जाए. खिलाड़ियों और ऑफिशियल्स को छोड़कर बाकी लोगों को रजिस्टर्ड वेबसाइट्स पर सट्टा लगाने की परमिशन दी जानी चाहिए. 2. IPL और BCCI के लिए अलग गवर्निंग काउंसिल बनाई जाए. और BCCI को RTI के अंदर लाया जाए. 3. BCCI की देखरेख के लिए CEO नियुक्त हो. BCCI प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट, सेक्रेटरी, ज्वाइंट सेक्रेटरी और ट्रेजरर की एलिजिबिलिटी का एक पैमाना तय हो. 4. इस पोस्ट पर सिर्फ भारतीय हों, उनकी उम्र 70 साल से कम हो, कोई मंत्री या सरकारी एम्प्लॉई न हो और लगातार नौ साल तक BCCI में किसी पोस्ट पर न रहा हो. 5. IPL की गवर्निंग काउंसिल में 8 सदस्य हों. 6. एक शख्स को एक ही पद मिलेगा. साथ ही स्टेट एसोसिएशन में भी सिर्फ पूर्व क्रिकेटर होंगे,कोई नेता-नपाड़ी न होगा . 7. प्रॉक्सी वोटिंग नहीं की जाएगी. 8. कोई भी दो साल से ज्यादा समय तक प्रेसिडेंट की कुर्सी पर नहीं रहेगा. बाकी के अधिकारी भी ज्यादा से ज्यादा 3 साल रहेंगे. 9. किसी ऑफिस बियरर को लगातार दो कार्यकाल नहीं मिलेंगे. 10. पूर्व गह सचिव GK पिल्लई की अगुवाई में स्टीयरिंग कमेटी बने. इसमें मोहिंदर अमरनाथ, डायना एडुल्जी और अनिल कुंबले मेंबर हों.
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