दिल्ली की जवाहर लाल यूनिवर्सिटी (JNU) में 9 फरवरी को जो कुछ हुआ, उस पर यूनिवर्सिटी का फैसला आ गया है. JNU एडमिनिस्ट्रेशन ने आरोपी कन्हैया कुमार, उमर खालिद, अनिर्बन भट्टाचार्य और मुजीब गट्टू को दोषी पाया है और उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है.

JNU ने
कन्हैया कुमार पर 10 हजार और आशुतोष पर 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया है. यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने उमर खालिद को एक और मुजीब गट्टू को दो सेमेस्टर के लिए रस्टिकेट कर दिया है. अनिर्बन भट्टाचार्य 15 जुलाई तक रस्टिकेट किए गए हैं और वह अगले 5 साल तक कोई कोर्स नहीं कर पाएंगे. JNUSU के जॉइंट सेक्रेटरी और ABVP नेता सौरभ शर्मा पर भी 10 हजार का जुर्माना लगाया गया है.

याद रहे कि
जेएनयू में 9 फरवरी को आतंकी अफजल गुरु की बरसी पर एक प्रोग्राम करवाया गया था. जिसमें भारत विरोधी नारे लगे थे. मामले में JNU स्टूडेंट यूनियन प्रेसिडेंट कन्हैया कुमार और उमर खालिद दोनों को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार करके तिहाड़ जेल भेज दिया गया था. पिछले महीने दोनों जमानत पर रिहा हुए.

हालांकि कन्हैया और उमर ने दिल्ली की अदालत में अपने बचाव में कहा था कि उन्होंने
देशविरोधी नारे नहीं लगाए. बल्किन उनके वीडियो फुटेज के साथ छेड़छाड़ की गई.