अरबपति और एमेजॉन (Amazon) के मालिक जेफ बेजोस (Jeff Bezos) के घर की देखरेख कर चुकी एक महिला ने उनके खिलाफ केस दायर किया है. मर्सिडीज वेडा (Mercedes Wedaa) नाम की महिला ने आरोप लगाया है कि बेजोस के घर पर उन्हें नस्लीय भेदभाव का सामना करना पड़ता था और उनसे 10 से 14 घंटे लगातार काम कराया जाता था. द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, वेडा ने अपनी शिकायत में ये भी कहा है कि उन्हें लॉन्ड्री रूम की खिड़की से शौचालय जाना पड़ता था क्योंकि 'साफ-सफाई के अलावा उन्हें बेजोस के घर में जाने की इजाजत नहीं थी'.
"14 घंटे काम, गालियां और टॉयलेट...", बेजोस के घर में काम कर चुकी महिला ने लगाए भयानक आरोप
जेफ बेजोस के वकील ने इन आरोपों को गलत बताया है.


मर्सिडीज वेडा ने सीएटल में बेजोस की हवेली में तीन साल तक काम किया था. उन्होंने कोर्ट में केस दायर कर कहा है कि वो और अन्य हिस्पैनिक नस्ल के सफाई कर्मचारियों के साथ श्वेत नस्ल के कर्मचारियों से अलग व्यवहार किया गया. उन्होंने कहा कि बेजोस के घर का मैनेजर उनके साथ 'गुस्सा और गाली-गलौच' करता था जबकि अन्य श्वेत नस्ल के कर्मचारियों के साथ 'सम्मान और विनम्रता' के साथ पेश आता था.
वकील ने आरोपों को गलत बतायाइधर बेजोस के वकील ने इन दावों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि नस्ल के आधार पर वेडा के साथ भेदभाव करने की बात पूरी तरह से बकवास है. रिपोर्ट के मुताबिक वेडा ने साल 2019 से बेजोस के घर में काम करना शुरु किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि उनसे हर दिन 10 से 14 घंटे काम लिया जाता था और इस बीच उन्हें ना तो लंच और न ही आराम दिया जाता था.
याचिकाकर्ता ने कहा, 'करीब 18 महीनों तक मुझे और दूसरे कर्मचारियों को बाथरूम जाने के लिए खिड़की फांदकर जाना पड़ता था.'
उन्होंने कहा कि क्योंकि वो और घर में काम करने वाले दूसरे लोग लंबे समय तक टॉयलेट नहीं इस्तेमाल कर पाते थे, इसलिए उन्हें पेशाब संबंधी संक्रमण भी हो गए थे. बेजोस के खिलाफ दायर मुकदमे में कहा गया है कि घर में सहायकों के लिए कोई ब्रेक रूम या विश्राम क्षेत्र नहीं था, इसलिए उन्हें कपड़े धोने के कमरे में भोजन करना पड़ता था.
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