पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है. इजरायल ईरान के ज्यादा से ज्यादा अहम ठिकानों को निशाना बनाने की जल्दबाजी में है. उसे डर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप अचानक जंग खत्म करने का फैसला ले सकते हैं. इजरायल का यह डर जायज भी है, क्योंकि अमेरिका लगातार ईरान से बातचीत करने की कोशिश कर रहा है. ट्रंप प्रशासन की तरफ से जंग रोकने के लिए एक 15 पॉइंट का पीस प्लान भी ईरान को भेजा जा चुका है.
'ईरान को जितना मार सको, 48 घंटे... ', अमेरिकी प्लान की कॉपी देखी और 'कहर' का दे दिया आदेश
न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) की रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump जंग खत्म करने का फैसला ले सकते हैं. इसलिए इजरायल, ईरान के अहम ठिकानों को निशाना बनाने की जल्दबाजी में है. इजरायल में हुई एक मीटिंग में क्या-क्या हुआ? अधिकारियों ने सब बताया है.


न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) ने दो सीनियर इजरायली अधिकारियों के हवाले से अपनी एक रिपोर्ट में यह दावा किया. रिपोर्ट के मुताबिक, 24 मार्च को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आदेश दिया कि अगले 48 घंटों के भीतर ईरान की हथियार इंडस्ट्री को जितना हो सके, उतना तबाह करने की कोशिश की जाए. अधिकारियों ने बताया कि यह आदेश तब आया जब नेतन्याहू की सरकार को जंग खत्म करने के लिए अमेरिका के बनाए 15-पॉइंट प्लान की एक कॉपी मिली. अधिकारियों में से एक उस मीटिंग में मौजूद था जिसमें इन सब पर चर्चा हुई थी.
अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर NYT को बताया कि इस जल्दबाजी से इजरायली सरकार की यह चिंता साफ दिखती है कि डॉनल्ड ट्रंप किसी भी पल शांति के लिए बातचीत का ऐलान कर सकते हैं. इजरायल किसी भी समझौते की संभावना को लेकर बेहद चिंतित है, खासकर तब जब उसके अपने खास मकसद अभी पूरे नहीं हुए हैं. ये मकसद हैं ईरान के बैलिस्टिक-मिसाइल के खतरे को खत्म करना, यह पक्का करना कि ईरान न्यूक्लियर हथियार न बना सके और ऐसे हालात बनाना जिनमें ईरानी लोग अपनी सरकार के खिलाफ उठ खड़े हों.
तेल अवीव के मिलिट्री हेडक्वार्टर में हुई एक मीटिंग में, नेतन्याहू ने ईरान पर हवाई हमलों को तेज करने का आदेश दिया. रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि जंग खत्म करने का फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के हाथ में है और इस मामले में नेतन्याहू का प्रभाव बहुत कम है. फिर भी, इन सुरक्षा अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर मतभेद है कि जंग जारी रहनी चाहिए या नहीं.
कुछ लोगों ने कहा कि इजरायल के पास अभी भी ईरान में टारगेट की एक बड़ी लिस्ट है और अगर जंग एक और हफ्ते तक चलती है तो उन्हें खुशी होगी. दूसरों ने कहा कि वे चाहेंगे कि यह जल्द से जल्द खत्म हो जाए. कुछ इजरायली एक्सपर्ट्स का कहना है कि दोनों ही स्थितियों में इजरायल को कोई पॉजिटिव रिजल्ट नहीं मिलने वाला है. ईरान मामलों के एक्सपर्ट डैनी सिट्रिनोविट्ज ने कहा,
"अगर आप ऐसा करते हैं, तो भी आप फंसेंगे और अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो भी आप फंसेंगे."
सिट्रिनोविक्ज़ ने आगे कहा कि युद्ध और जितना लंबा चलेगा, इजरायल और अमेरिका के ‘युद्ध में घसीटे जाने’ का खतरा उतना ही ज्यादा होगा. इससे फारस की खाड़ी में ज्यादातर एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट हो सकते हैं. उन्होंने कहा, “ईरानी लोग घुटने नहीं टेकेंगे. मुझे इसमें कोई भी अच्छा नतीजा नजर नहीं आ रहा.”
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