(ये स्टोरी हमारे लिए आदित्य नवोदित ने की है, वो हमारे साथ इंटर्नशिप कर रहे हैं )
बर्थ-राइट के लिए 56 मिनट तक ट्रेन नहीं चलने दी विधायक जी ने
शिवसेना के हैं विधायक, अब कह रहे हैं साफ-सफाई नहीं थी, इसलिए रोके थे ट्रेन.
Advertisement

फोटो - thelallantop
छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर कल एक छोटू-सा बड़ा कांड हो गया. कांड के कर्ताधर्ता रहे शिवसेना पार्टी के नांदेड़ से विधायक हेमंत पाटिल. हुआ ये कि विधानसभा सत्र निपटाने के बाद विधायक जी घर वापसी के लिए देवगिरी एक्सप्रेस में चढ़ गए. ट्रेन में विधायक जी और उनके सहयोगी को सेकंड एसी में 35-36 नंबर की बर्थ मिली. बर्थ साइड वाली थी विधायक जी को पसंद न आई. विधायक जी खिसिया गए. रोक दी ट्रेन और का? अबे लेट के नहीं. चेन पुलिंग करके. जब भी ट्रेन हारन देती. थोड़ी-सी खसकती. नेताजी और उनके सहयोगी भाई-बंधु चेन खींच देते ट्रेन की. अइसा करके पूरे 56 मिनट तक ट्रेन को रोक कर रखा गया. ट्रेन में करीब 2000 पब्लिक और थी. इसी बीच रेलवे के कुछ अधिकारी भी पहुंच गए. विधायक जी को समझाइश देने. पर विधायक जी को सिर्फ पसंद की बर्थ चाहिए थी. समझाइश नहीं. बर्थ राइट का सवाल था. हालांकि विधायक जी ने मीडिया से बात करके इस बात पर सफाई देते हुए आज माफी मांगी है और कहा है कि उन्होंने ट्रेन सीट-बर्थ की वजह से नहीं बल्कि ट्रेनों में सफाई न होने और खाना ठीक न होने के कारण रोकी थी. इस बात के सबूत के लिए उन्होंने ट्रेन में खाना खाते हुए चूहे का वीडियो भी दिखाया है. सेंटर रेलवे के जनरल मैनेजर सुनील कुमार ने मामले की जांच करने के लिए कमेटी का गठन करने की बात कही है. वही दूसरी ओर शिवसेना पार्टी के प्रवक्ता नीलम गोरहे ने इस मामले में कुछ कहने की बजाय इसे पाटिल जी का निजी मामला बताया है.
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement
Advertisement











.webp?width=275)






.webp?width=120)
