भारत की सर्जिकल स्ट्राइक 3.0 को हमसे क्यों छुपाया गया?
पूरे 15 दिनों तक चले इस ऑपरेशन की सबसे ख़ास बातें जानिए!
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भारतीय आर्मी ने म्यांमार आर्मी के साथ मिलकर आतंकियों पर सर्जिकल स्ट्राइक किया (सांकेतिक तस्वीर - रॉयटर्स)
उड़ी में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक किया. पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सर्जिकल एयर स्ट्राइक किया. दोनों स्ट्राइक पाकिस्तान के खिलाफ थे. अब चूंकि अब दो सर्जिकल स्ट्राइक हो चुके थे, इसलिए दोनों को देश की आवाम सीक्वल की तरह सर्जिकल स्ट्राइक 1.0 और सर्जिकल स्ट्राइक 2.0 के नाम से पुकारने लगी. लेकिन क्या आपको पता है जब तक हम भारतीय इन दोनों की बातें कर रहे थे तब तक भारत की आर्मी ने सर्जिकल स्ट्राइक 3.0 को भी अंजाम दे दिया. ये सर्जिकल स्ट्राइक म्यांमार के आतंकियों पर किया गया था. और भारतीय सेना ने ये स्ट्राइक म्यांमार की सेना के साथ मिलकर किया था. दो हफ्ते तक चले इस सर्जिकल स्ट्राइक को पूरी तरह से गुप्त रखा गया था.
हां, तो भारत को खबर लगी कि अराकान आर्मी ट्रांजिट प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचाने की प्लानिंग कर रहे है. ये आतंकी दक्षिण म्यांमार में अपना अड्डा बनाए हुए हैं. पक्के इंटेलिजेंस सबूत के बाद भारत ने म्यांमार आर्मी के साथ मिलकर आतंकियों को खदेड़ने की प्लानिंग की. एक बड़ा ऑपरेशन शुरू किया. इंडियन आर्मी ने पहले मिजोरम इलाके से आतंकी कैंपों की सफाई शुरू की. फिर नागा ग्रुप के कई कैंपों को तबाह किया. 17 फरवरी से शुरू हुआ ये ऑपरेशन 2 मार्च को खत्म हुआ. पहले चरण में भारतीय आर्मी ने मिजोरम से आतंकियों के कैंप को उड़ाया. फिर अगले चरण में म्यांमार आर्मी के साथ मिलकर अराकान आर्मी के कई अड्डे को धवस्त किए. एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक KIA ने 2 साल के भीतर 3 हजार आतंकियों को ट्रेंड किया है. जो अलग-अलग गुट में काम करते हैं. म्यांमार की KIA काचिन प्रांत में काफी एक्टिव है, जो चीन के से काफी सटा हुआ है. कई सोर्सेज़ ये भी बताते हैं कि चूंकि ये काचिन प्रांत चीन से काफी सटा हुआ है इसीलिए इस आतंकी संगठन को मदद पहुंचाना चीन के लिए काफी आसान था.
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