जिंदा किसान ने लिवर, आंखें और दिल डोनेट कर बचाईं 6 जानें
ये किसान एक साल के बच्चे का बाप था.
Advertisement

फोटो - thelallantop
पुणे और दिल्ली की दूरी कितनी है? डेढ़ हजार किलोमीटर. पुणे से एक किसान का दिल लाकर AIIMS दिल्ली में, एक 24 साल के मरीज के सीने में ट्रांसप्लांट किया गया. 23 साल के इस किसान का ब्रेन डेड था. दिल के अलावा लीवर, दोनों किडनी, आंखें मिला कर कुल 6 मरीजों को देकर नई जिंदगी दी इसने. डॉक्टर्स, पुलिस और एयरपोर्ट के अफसरों ने इस बड़े काम को निपटाने के लिए दोनों शहरों के बीच ग्रीन कॉरिडोर बनाया. पुणे के रूबी हॉल क्लीनिक से लोहेगांव एयरपोर्ट तक दिल को ले जाने में महज साढ़े छः मिनट लगे. नॉर्मल टाइम पर इतनी दूरी तय करने में 29 मिनट लगते हैं. जबकि दूरी है 7.8 किलोमीटर. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक पिछले साल अगस्त में पहली बार हार्ट ट्रांसप्लांट का काम हुआ पुणे शहर में. जब एक ब्रेनडेड औरत का दिल मुंबई के एक आदमी को फिट किया गया था. लेकिन इंटर स्टेट ट्रांसप्लांट का ये पहला केस है. हार्ट डोनेट करने वाला एक साल के बच्चे का बाप था. 19 अप्रैल को कार की पिछली सीट पर बैठ कर कहीं जा रहा था तो उसका एक्सीडेंट हो गया था. हेड इंजरी बहुत बड़ी थी. काफी इलाज के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ. तो मंडे को उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया. उसकी फैमिली अंगदान के लिए तैयार नहीं थी. हॉस्पिटल स्टाफ के कहने पर उसके एक्स फौजी अंकल ने 50 लोगों की उस ज्वाइंट फैमिली को इस काम के लिए राजी किया. लीवर उसी हॉस्पिटल में एडमिट एक 50 साल की महिला को ट्रांसप्लांट किया गया. दोनों किडनी दो अलग अलग मरीजों को दी गईं.
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement
Advertisement













.webp?width=275)

.webp?width=120)
.webp?width=120)




.webp?width=120)
