गुजरात में आज रविवार यानी 29 जनवरी, 2023 को होने वाली पंचायत जूनियर क्लर्क की परीक्षा टाल दी गई है. गुजरात पंचायत सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (Gujarat Panchayat Service Selection Board) की जूनियर क्लर्क (Junior Clerk) भर्ती परीक्षा 29 जनवरी की सुबह 11 बजे होने वाली थी. लेकिन एग्जाम का पेपर लीक होने के बाद आज की परीक्षा रद्द कर दी गई. अभी यह साफ नहीं है कि ये एग्जाम दोबारा कब होगा.
गुजरात में जूनियर क्लर्क का पेपर लीक, लड़कों ने बवाल कर दिया
1,181 पदों के लिए होने वाली परीक्षा में लगभग 9.5 लाख कैंडिडेट्स शामिल होने वाले थे.


आजतक की गोपी घांघर की रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात में पेपर लीक को लेकर बवाल शुरू हो गया है. गोधरा और जामनगर सहित कई शहरों में उम्मीदवारों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है.
AAP बोली- 'युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा'पेपर लीक पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने ट्वीट किया,
गुजरात के लगभग हर एग्जाम में पेपर लीक हो जाता है. क्यों? करोड़ों युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है.
दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी BJP पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया,
आज फिर गुजरात में भाजपा ने लाखों युवाओं की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए जूनियर क्लर्क की परीक्षा का पेपर लीक करा दिया! पेपर लीक मामले में भाजपा ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया! 9 लाख से ज्यादा युवा इसकी परीक्षा देने वाले थे! मगर उन सबके सपने भाजपा ने तोड़ दिए!
पंचायत जूनियर क्लर्क के 1,181 पदों पर भर्ती के लिए होने वाली परीक्षा में लगभग 9.5 लाख कैंडिडेट्स शामिल होने वाले थे. ये परीक्षा राज्य भर के 2,995 केंद्रों पर होनी थी. गुजरात पंचायत सर्विस सेलेक्शन बोर्ड ने बताया कि रविवार (29 जनवरी) की सुबह मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया था. पूछताछ के बाद उस संदिग्ध के पास से एग्जाम के प्रश्नपत्र की कॉपी बरामद की गई थी. इसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई.
आजतक के सौरभ वक्तानिया की रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात ATS (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) ने इस पेपर लीक मामले में अब तक 15 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है. इनमें से 5 आरोपी गुजरात के हैं और 10 से ज्यादा आरोपी गुजरात के बाहर के हैं. गुजरात ATS के सूत्रों ने बताया कि पेपर गुजरात के बाहर लीक हुआ. इस पेपर लीक में एक बड़े इंटर स्टेट गिरोह के शामिल होने की बात कही जा रही है. गुजरात के बाहर से पेपर मिलने के बाद इसे राज्य में बेचा जा रहा था. पहली डील करीब 1.5 लाख में हुई थी. गुजरात के बाहर के आरोपी पेपर सौंपने के लिए यहां आए थे, तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया.
वीडियो: गुजरात पेपर लीक आंदोलन का चेहरा रहे युवराज सिंह जाडेजा, AAP की गुटबाजी का शिकार हुए?




















