ऐसे ही पांच इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स ने एक बैंक को बैठे-ठाले 8.6 करोड़ का चूना लगा दिया. होता ये था कि अगर मोबाइल वॉलेट से ट्रांजेक्शन करते हुए अचानक इंटरनेट बंद हो जाए तो जो पैसे ट्रांसफर कर रहा है उसके पैसे नहीं कटते थे लेकिन सामने वाले को पैसे पहुंच जाते थे और पैसे लगते थे बैंक के. बस इसी लूपहोल का पता लग गया लड़कों को. फिर क्या था. देह्ह दनादन. जब तक में बैंक की नींद टूटती लड़कों ने काण्ड कर दिया था. बैठे-ठाले ये काम करने के लिए इनने ऐसा भी नहीं कि मेहनत नहीं की थी. इनने हजारों फर्जी सिमकार्ड निकलवाए. मुर्शिदाबाद के पास गांव वालों को दिए. उनसे बैंक में खाता खुलवाया और फिर मोबाइल वॉलेट चालू कराए. तब जाकर फर्जीवाड़ा संभव हुआ. पकड़ाए ऐसे कि 23 दिसंबर को बैंक के एक अफसर ने शिकायत की थी कि कोई थोक के भाव में मोबाइल वॉलेट खोल कर धोखाधड़ी कर रहा है. इसके बाद बैंक ने वॉलेट कंपनी से हर्जाना लिया जिसके कारण उनका करोड़ों का नुकसान हुआ. कोलकाता और हरिहरपारा सेबंदूक लेकर बैंक लूटना इज टू मेनस्ट्रीम!
इंटरनेट बंद कर लूट लिया बैंक, पूरे 8.6 करोड़ की चुंगी लग गई.
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फोटो - thelallantop
एक खाली इंजीनियरिंग स्टूडेंट से ज्यादा खतरनाक कुछ नहीं होता है. इसमें दस का गुणा कर लीजिए अगर वो जेब से खाली हो, इसमें दस का गुणा और कर लीजिए अगर उसे साथी भी मिल जाएं.
ऐसे ही पांच इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स ने एक बैंक को बैठे-ठाले 8.6 करोड़ का चूना लगा दिया. होता ये था कि अगर मोबाइल वॉलेट से ट्रांजेक्शन करते हुए अचानक इंटरनेट बंद हो जाए तो जो पैसे ट्रांसफर कर रहा है उसके पैसे नहीं कटते थे लेकिन सामने वाले को पैसे पहुंच जाते थे और पैसे लगते थे बैंक के. बस इसी लूपहोल का पता लग गया लड़कों को. फिर क्या था. देह्ह दनादन. जब तक में बैंक की नींद टूटती लड़कों ने काण्ड कर दिया था. बैठे-ठाले ये काम करने के लिए इनने ऐसा भी नहीं कि मेहनत नहीं की थी. इनने हजारों फर्जी सिमकार्ड निकलवाए. मुर्शिदाबाद के पास गांव वालों को दिए. उनसे बैंक में खाता खुलवाया और फिर मोबाइल वॉलेट चालू कराए. तब जाकर फर्जीवाड़ा संभव हुआ. पकड़ाए ऐसे कि 23 दिसंबर को बैंक के एक अफसर ने शिकायत की थी कि कोई थोक के भाव में मोबाइल वॉलेट खोल कर धोखाधड़ी कर रहा है. इसके बाद बैंक ने वॉलेट कंपनी से हर्जाना लिया जिसके कारण उनका करोड़ों का नुकसान हुआ. कोलकाता और हरिहरपारा से
ऐसे ही पांच इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स ने एक बैंक को बैठे-ठाले 8.6 करोड़ का चूना लगा दिया. होता ये था कि अगर मोबाइल वॉलेट से ट्रांजेक्शन करते हुए अचानक इंटरनेट बंद हो जाए तो जो पैसे ट्रांसफर कर रहा है उसके पैसे नहीं कटते थे लेकिन सामने वाले को पैसे पहुंच जाते थे और पैसे लगते थे बैंक के. बस इसी लूपहोल का पता लग गया लड़कों को. फिर क्या था. देह्ह दनादन. जब तक में बैंक की नींद टूटती लड़कों ने काण्ड कर दिया था. बैठे-ठाले ये काम करने के लिए इनने ऐसा भी नहीं कि मेहनत नहीं की थी. इनने हजारों फर्जी सिमकार्ड निकलवाए. मुर्शिदाबाद के पास गांव वालों को दिए. उनसे बैंक में खाता खुलवाया और फिर मोबाइल वॉलेट चालू कराए. तब जाकर फर्जीवाड़ा संभव हुआ. पकड़ाए ऐसे कि 23 दिसंबर को बैंक के एक अफसर ने शिकायत की थी कि कोई थोक के भाव में मोबाइल वॉलेट खोल कर धोखाधड़ी कर रहा है. इसके बाद बैंक ने वॉलेट कंपनी से हर्जाना लिया जिसके कारण उनका करोड़ों का नुकसान हुआ. कोलकाता और हरिहरपारा सेAdd Lallantop as a Trusted Source

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