फिल्म ‘स्पेशल 26’ का वो सीन याद है जिसमें पीके शर्मा (अनुपम खेर) पकड़े जाने पर CBI को बताता है कि उनके गुट का सरगना अजय उर्फ 'अज्जू' (यानी अक्षय कुमार) CBI अधिकारी नहीं बन पाने का कुछ ज्यादा बुरा मान गया, इसलिए बाद में नकली CBI अधिकारी बनकर अमीरों के यहां फर्जी छापेमारी करने लगा. ये कहानी भी कुछ वैसी ही है. उत्तर प्रदेश के मेरठ की रहने वाली जोया को IPS अधिकारी बनना था. हालांकि ये सपना पूरा ना हो सका. एग्जाम में फेल हो गई.
'स्पेशल 26' का 'अज्जू' बनना चाहती थी, IPS बन पुलिस से मांगी लिफ्ट, लेने के देने पड़ गए
पुलिस की वर्दी सिलवाई, बैज लगाया, पुलिस बेल्ट का जुगाड़ किया, गाड़ी पर नीली बत्ती तक लगवा ली और घुमा दिया फोन थाने में.


लेकिन जोया को ये सपना हर हाल में जीना था. सो उसने स्पेशल 26 वाले ‘अज्जू’ का रास्ता अपनाया. बन गई फर्जी IPS अधिकारी. पुलिस की वर्दी सिलवाई, बैज लगाया, पुलिस बेल्ट का जुगाड़ किया, गाड़ी पर नीली बत्ती तक लगवा ली और घुमा दिया फोन. थाने में. बोली कि मैं IPS हूं, मुझे लेने के लिए पायलट गाड़ी भेजो. लेकिन ये फिल्म नहीं असल जिंदगी है. यहां वाकये किसी स्क्रिप्ट की चाल पर पेश नहीं आते. सो महिला पकड़ी गई.
‘मानेसर जाना है, पायलट वाहन भेजो’बात 2 फरवरी की है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुग्राम पुलिस के एक SHO को सिक्योरिटी ब्रांच से कॉल आया. कहा गया कि एक IPS अफसर ने मानेसर के रिजॉर्ट तक जाने के लिए पायलट वाहन मांगा है. SHO को एक नंबर दिया गया और उस पर बात करने का निर्देश दिया गया. SHO ने कॉल किया तो महिला ने एमजी रोड पर सहारा मॉल के पास आने को कहा.
इसके बाद थाने से एक टीम महिला की बताई जगह पर पहुंची. उसने देखा कि सड़क किनारे नीली बत्ती लगी एक SUV खड़ी है. गाड़ी में से महिला उतरी. उसने आर्मी जैकेट, पुलिस की वर्दी और कैप पहन रखी थी. वर्दी पर लगी नेम प्लेट पर लिखा था- केआर सिंह. महिला ने खुद को IPS अफसर बताया और कहा कि मानेसर के एक रिजॉर्ट जाना है, जिसके लिए पायलट वाहन चाहिए.
ऐसे हुआ भंडाफोड़!पुलिस ने जब डॉक्यूमेंट्स मांगे तो महिला ने बैज और कैप उतार दी. नाम बताने में आनाकानी करने लगी. कहने लगी कि डॉक्यूमेंट्स उसके लैपटॉप में है. शक होने पर पुलिस ने महिला के बैग की चेकिंग की जिसमें तीन खाली कारतूस, तीन मोबाइल, दो डायरी, एक लैपटॉप और एसडीएम का फर्जी आईडी कार्ड मिला.
पहले भी फ्रॉड कर चुकी है महिलामहिला की सच्चाई पता चलने पर उसे पकड़ लिया गया. मालूम हुआ उसका नाम केआर सिंह नहीं जोया खान है. रिपोर्ट के मुताबिक मामले पर डिप्टी कमिश्वर (पूर्व) विरेंद्र विज ने कहा,
आवाज बदलकर बात करती थी“महिला के खिलाफ पहले से ही 3 केस दर्ज हैं और वो जेल भी जा चुकी है. फिलहाल वो जमानत पर है. पहले वो खुद को विदेश मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी बता चुकी है.”
पुलिस के मुताबिक, जोया खान मेरठ की रहने वाली है. वो वॉयस चेंजिंग सॉफ्टवेयर के जरिए आवाज बदलकर पुलिस को कॉल करती थी. पूछताछ के दौरान पुलिस को भटकाने के लिए महिला ने तीन अलग-अलग नाम बताए. 2007 में वो PCS का एग्जाम दे चुकी है, लेकिन फेल हो गई थी.
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