वेनेजुएला पर हमला करने के बाद अमेरिका ने एक बार फिर अपना वर्चस्व साबित करने की कोशिश की है. भले ही उसकी इस कार्रवाई की दुनिया भर में आलोचना हो रही हो, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है. ट्रंप ने लैटिन अमेरिकी देशों और ईरान को भी खुली धमकी दी है. ट्रंप ने इशारा किया है कि इन देशों के साथ भी वेनेजुएला की तरह सलूक किया जाएगा. लेकिन अमेरिका का इन देशों के साथ विवाद क्या है?
वेनेजुएला के बाद ट्रंप ने इन 5 देशों को दी धमकी, ईरान और कोलंबिया भी निशाने पर!
Donald Trump ने लैटिन अमेरिकी देश और ईरान को खुली धमकी दी है. ट्रंप ने इशारा किया है कि इन देशों के साथ भी Venezuela की तरह सलूक किया जाएगा.


अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक प्लेन, एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कई देशों का जिक्र किया. कुछ पर आरोप लगाए और कुछ को धमकियां भी दी. ईरान के बारे में बात करते हुए ट्रंप ने कहा,
हम इस पर बहुत करीब से नज़र रख रहे हैं. अगर वे पहले की तरह लोगों को मारना शुरू कर देते हैं, तो अमेरिका उन्हें बहुत कड़ी टक्कर देगा.
दरअसल, ईरान में बढ़ती महंगाई और देश की बिगड़ती आर्थिक हालत को लेकर सरकार के ख़िलाफ़ लगभग एक हफ़्ते से प्रदर्शन जारी है. 2 जनवरी को ट्रंप ने ईरान की सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाता है और उन्हें बेरहमी से मारता है, तो अमेरिका उनको (प्रदर्शनकारियों को) बचाने के लिए आएगा.
कोलंबियाअमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने लैटिन अमेरिकी और वेनेजुएला के पड़ोसी देश कोलंबिया को लेकर भी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि कोलंबिया बीमार है और उसे अमेरिकी समर्थन की जरूरत है. डॉनल्ड ट्रंप ने कहा,
कोलंबिया को एक बीमार आदमी चलाता है जो कोकीन बनाना और इसे अमेरिका को बेचना पसंद करता है. वह बहुत लंबे समय तक ऐसा नहीं करेगा.
जब एक पत्रकार ने पूछा कि क्या इसका मतलब यह है कि अमेरिकी सेना अपने ऑपरेशन में कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो को निशाना बना सकती है. इस पर ट्रंप ने मुस्कुराते हुए कहा, "मुझे आपकी बात अच्छी लग रही है."
अमेरिका लंबे समय से कोलंबिया पर ड्रग तस्करी के आरोप लगाता आया है. वह कोलंबिया को ड्रग माफिया और गुरिल्ला संगठनों (FARC आदि) से निपटने के लिए सैन्य और आर्थिक मदद देता आया है. लेकिन कोलंबिया बीते कई सालों से नरम और सामाजिक सुधार आधारित नीति अपना रहा है, जबकि अमेरिका सख्त सैन्य कार्रवाई चाहता है. इससे दोनो देशों के बीच मतभेद बने रहते हैं.
क्यूबाट्रंप ने वेनेजुएला के सहयोगी देश क्यूबा पर भी निशाना साधा है. ट्रंप ने कहा,
क्यूबा गिरने के कगार पर है...क्यूबा के पास अब कोई पैसा नहीं है. उन्हें अपनी सारी आय वेनेजुएला से, वेनेजुएला के तेल से मिलती थी. उन्हें अब इसका कुछ भी नहीं मिल रहा है और क्यूबा सचमुच गिरने के कगार पर है.
क्यूबा और वेनेजुएला के संबंध मजबूत और सहयोगपूर्ण रहे हैं. दोनों देश अमेरिकी प्रभाव का विरोध करते हैं. वेनेजुएला, क्यूबा को तेल की आपूर्ति करता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति भवन पर हमला किया था, तब क्यूबा के सैनिक भी राष्ट्रपति मादुरो की सुरक्षा में तैनात थे. राजनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर दोनों एक-दूसरे के करीबी सहयोगी माने जाते हैं.
ग्रीनलैंडअमेरिका, ग्रीनलैंड की भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक संसाधनों के कारण वहां अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहता है. ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड की जरूरत पर जोर दिया है. ट्रंप ने कहा,
हमें राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से ग्रीनलैंड की जरूरत है. यह बहुत रणनीतिक है और इस समय ग्रीनलैंड रूसी और चीनी जहाजों से घिरा हुआ है. हमें राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से ग्रीनलैंड की जरूरत है.
ट्रंप के इस बयान पर डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा,
अमेरिका को ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने की ज़रूरत के बारे में बात करना बिल्कुल बेतुका है. अमेरिका को डेनिश साम्राज्य के तीनों देशों में से किसी पर भी कब्ज़ा करने का कोई अधिकार नहीं है.
ग्रीनलैंड (जो डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है) अपनी संप्रभुता पर ज़ोर देता है. 2019 में अमेरिका ने ग्रीनलैंड को ‘खरीदने’ का भी प्रस्ताव रखा था.
मैक्सिकोट्रंप ने अपने पड़ोसी देश मैक्सिको पर भी निशाना साधा. ट्रंप ने कहा,
आपको मेक्सिको के साथ कुछ करना होगा. मेक्सिको को अपनी हरकतें सुधारनी होगी और ड्रग्स की तस्करी से बेहतर ढंग से निपटना होगा.
मैक्सिको और अमेरिका के बीच इमीग्रेशन, ड्रग तस्करी और जल संसाधन के बंटवारे को लेकर विवाद रहता है.
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‘वेनेजुएला को अमेरिका चलाएगा’
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका तब तक वेनेजुएला को 'चलाएगा' जब तक सत्ता का 'एक सुरक्षित, सही और समझदारी भरा बदलाव' नहीं हो जाता. उनसे पूछा गया कि अमेरिका यह सब कैसे करेगा, तो उन्होंने कोई डिटेल नहीं दी.
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी कंपनियां वेनेजुएला में जाकर उसके तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को ठीक करेंगी. इससे अमेरिका को कमाई होगी. ट्रंप ने कहा कि ऐसा करके अमेरिका लंबे समय से उठाए गए नुकसान की भरपाई करेगा.
वीडियो: वेनेज़ुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति को भी ट्रंप की धमकी? डेल्सी रोड्रिगेज़ से क्या कहा?











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