केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा पहली लहर के दौरान अस्पताल और स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के बड़े प्रयास किए गए थे. लेकिन जैसे ही लहर में गिरावट दर्ज की गयी हमलोग उतनी तत्परता से काम नहीं कर पाए. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमताओं को एक साल के भीतर इस स्तर तक बढ़ाना संभव नहीं था. आप 20-25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर सकते हैं, लेकिन क्षमता में एक साल में पांच गुना इज़ाफा नहीं हो सकता. पहली लहर के बाद मामलों में गिरावट के कारण दूसरी लहर को लेकर कोई भी यह अनुमान नहीं लगा सकता था कि यह इतनी प्रचंड होगी. हम सब को दूसरी लहर की तीव्रता ने अचंभित कर दिया.'यूपी में हालात चिंताजनक' के विजय राघवन ने कहा कि कई ज्यादा प्रभावित इलाकों में केसेज कम होने शुरू हो गए हैं. लेकिन यूपी में हालत अब भी 'चिंताजनक' हैं. उन्होंने कहा-
महाराष्ट्र में केसेज प्लैटू पर पहुंच चुके हैं. हालांकि आने वाले कुछ दिन में स्थिति ज्यादा स्पष्ट हो पाएगी. दिल्ली में भी जल्दी ही केसेज में गिरावट देखने को मिलेगी. भारत में मई के मध्य तक पीक आ सकता है. लेकिन यह सब इस बात पर निर्भर करेगा कि लोगों का कोरोना को लेकर बर्ताव कैसा होगा. हमें रोज कम होते नंबरों को लेकर किसी नतीजे पर पहुंचने में बहुत सतर्क रहना होगा. उत्तर प्रदेश में हालात चिंताजनक बने हुए हैं. ऐसा ही हाल तमिलनाडु और कर्नाटक का है.
पश्चिम बंगाल और उड़ीसा पर भी बहुत सतर्कता बरतने का वक्त है. इन सभी राज्यों में अब भी चीजें बदल सकती हैं. ऐसा नहीं है कि स्थितियां और बुरी ही हो जाएंगी. अगर तुरंत सख्त एक्शन लिए जाएं तो हालात को बिगड़ने से रोका जा सकता है.

28 अप्रैल की तारीख़ में उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के 3 लाख से अधिक एक्टिव केस हैं. प्रदेश में 11 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. (फाइल फोटो- PTI)
'कई वैक्सीन भी आ रही हैं' विजयराघवन ने उन आरोपों को गलत बताया जिनमें कहा गया था कि भारत ने टीकों की मांग को कम कर दिया था. के विजय राघवन पहले जैव प्रौद्योगिकी विभाग में सचिव रह चुके हैं. उन्होंने कहा कि हम और टीके लाने लाने के लिए काम कर रहे हैं. अगले कुछ महीने में वो भी आ जाएंगे. उन्होंने कहा,
हम ज्यादा वैक्सीन लाने की व्यवस्था कर रहे हैं. ये अगले कुछ हफ्तों में भारत आ जाएंगी. सीरम का नोवावैक्स के साथ करार है. यह जुलाई में आ जाएगी. जॉनसन एंड जॉनसन का बायोलॉजिक ई के साथ करार है. यह भी जल्द आ जाएगी. जायडस की वैक्सीन भी जल्द तैयार हो जाएगी. स्पूतनिक पहले ही आ गई है.उन्होंने बताया कि विदेश से वैक्सीन मंगवाने को लेकर सरकार ने पिछले साल ही तैयारी शुरू कर दी थी. लेकिन दूसरी लहर की गंभीरता के चलते सरकार पर दबाव बढ़ गया है.















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