The Lallantop

बजट 2024 के बाद देश के युवाओं को इन स्कीम के बारे में जान लेना चाहिए

सरकार ने Budget 2024 में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कंपनियों के लिए भी स्कीम शुरू की है.

Advertisement
post-main-image
मोदी 3.0 में का पहला बजट पेश हुआ. (PTI)

Budget 2024 में युवाओं को लेकर सरकार ने कई घोषणाएं की हैं. कई नई स्कीम का एलान भी किया गया है. इस बार रोज़गार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एम्प्लॉयी के साथ-साथ नौकरी देने वालों के लिए भी स्कीम का एलान किया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारामण ने इस बार बजट में स्किल डेवलपमेंट को लेकर भी कई बातें कही हैं. एक-एक कर इन सभी स्कीम और घोषणाओं पर नज़र डालते हैं.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

स्कीम A- फर्स्ट टाइमर
यह योजना सभी फॉर्मल सेक्टर में नौकरी के लिए पहली बार जाने वाले सभी युवाओं को एक महीने का वेतन देगी. 15 हजार रुपये का डायरेक्ट बेनिफिनिट ट्रांसफर EPFO में पहली बार रजिस्टर कर्मचारियों को 3 किस्तों में दिया जाएगा. इसके पात्र वे सब होंगे जिनका वेतन एक लाख रुपये प्रति महीना होगी. सरकार का दावा है कि इस योजना से 2 करोड़ 10 लाख युवाओं को लाभ मिलेगा.

स्कीम B- मैन्यूफैक्चरिंग में रोजगार सृजन
इस योजना से मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में रोजगार को प्रोत्साहित देने की बात कही गई है. जो पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों के रोजगार से जुड़ी होगी. नौकरी के पहले 4 साल में कर्मचारी और कंपनी दोनों के द्वारा EPFO में जमा होने वाले फंड के पैमाने पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. इस योजना से रोजगार में प्रवेश करने वाले 30 लाख युवाओं और उनको नौकरी देने वाली कंपनियों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

Advertisement

स्कीम C- सपोर्ट टू एम्प्लॉयर
ये योजना नौकरी देने वालों के लिए लाई गई है, जो सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार को कवर करेगी. इसमें 1 लाख रुपये प्रति माह वेतन तक के सभी अतिरिक्त रोजगार गिने जाएंगे. सरकार प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के ईपीएफओ अंशदान के लिए कंपनी को 2 साल तक 3,000 रुपये प्रति माह तक देगी. इस योजना से 50 लाख लोगों को अतिरिक्त रोजगार मिलने का दावा किया गया है.

महिलाओं को प्रोत्साहन
सरकार का कहना है कि वो उद्योग के सहयोग से कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाएगी. इसके साथ ही शिशु गृह या सदन की स्थापना के माध्यम से वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की कोशिश की जाएगी. मां-बाप की अनुपस्थिति में बच्चों की देखभाल के लिए बनाए गए आवास को शिशु सदन कहते हैं. इसके अलावा महिलाओं के लिए अलग से स्किलिंग प्रोग्राम चलाए जाएंगे और सेल्फ हेल्प ग्रुप को भी बढ़ावा दिया जाएगा.

कौशल विकास प्रोग्राम
5 साल की अवधि में 20 लाख युवाओं के स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान दिया जाएगा. 1,000 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को उन्नत किया जाएगा. कोर्स को उद्योग की कौशल आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जाएगा और उभरती जरूरतों के लिए नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे.

Advertisement

स्किलिंग लोन
मॉडल स्किल लोन स्कीम को संशोधित करके सरकारी कोष से गारंटी के साथ 7.5 लाख रुपये तक के ऋण की सुविधा दी जाएगी. इससे हर साल 25,000 छात्रों को मदद मिलने का दावा किया गया है.

एजुकेशन लोन
जो युवा सरकारी योजनाओं और नीतियों के तहत किसी भी लाभ के लिए पात्र नहीं हैं, उनकी मदद के लिए घरेलू संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक के ऋण के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा की गई. इस उद्देश्य के लिए हर साल 1 लाख छात्रों को सीधे ई-वाउचर दिए जाएंगे, जिस पर ऋण राशि का 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अनुदान दिया जाएगा.

वीडियो: केंद्रीय बजट पर आम लोगों ने क्या कहा? वीडियो देखें

Advertisement