बांग्लादेश में जिस शख्स की वजह से हिंसा भड़की, उसका पता चल गया है, CCTV देख पुलिस ने किया दावा
इकबाल के घरवाले उसके बारे में क्या बता रहे?
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एक सीसीटीवी फुटेज सामने आई है, जिसमें एक शख्स को कुरान ले जाते देखने का दावा पुलिस ने किया है. (वीडियो स्क्रीनशॉट)
बांग्लादेश (Bangladesh) में हाल ही में दुर्गा पूजा पंडालों पर हमले हुए. हिंदुओं को निशाना बनाया गया. इसमें दर्जन से ज्यादा लोगों की जान चली गई. अब बांग्लादेश की पुलिस ने उस शख्स की पहचान का दावा किया है, जिसे इस हिंसा का जिम्मेदार बताया जा रहा है. पुलिस सीसीटीवी से मिले सुरागों के जरिए दुर्गा पंडाल में कथित तौर पर कुरान रखने वाले तक पहुंच गई है. आइए बताते हैं कौन है ये शख्स और उसका पता कैसे चला.
CCTV में दिखा आरोपी
ढाका से 100 किलोमीटर दूर चांदपुर जिले के कोमिला इलाके में पिछले हफ्ते कुरान के अपमान की खबर आई. सोशल मीडिया पर ये खबर आग की तरह फैल गई. दावा किया गया कि यहां एक दुर्गा पूजा पंडाल में कुरान का अपमान किया गया. पंडाल में कथित तौर पर हनुमान के चरणों पर कुरान रख दी गई थी. इसके बाद सोशल मीडिया पर बवाल हो गया. उसे हिंसा में तब्दील होने में ज्यादा वक्त नहीं लगा. इसके बाद न सिर्फ कोमिला बल्कि बांग्लादेश के कई हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव फैल गया. बांग्लादेश में दुर्गा पूजा पंडालों पर हमले शुरू हो गए. सिर्फ चांदपुर जिले में ही पुलिस और पंडाल पर आक्रमण करने वालों की मुठभेड़ में 5 लोगों की जान चली गई. अब बांग्लादेश की कोमिला पुलिस ने खुलासा किया है कि हिंसा भड़काने के पीछे जो व्यक्ति जिम्मेदार था, उसकी पहचान कर ली गई है. ढाका ट्रिब्यून ने लोकल पुलिस के हवाले से लिखा है कि उसका नाम इकबाल हुसैन है. वह 35 साल का है. वह कोमिला जिले के सुजानगर का रहने वाला है. उसी ने 13 अक्टूबर को नानुआ दिघिर के पूजा मंडप में कुरान की प्रति रखी थी. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने ढाका ट्रब्यून को बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने जब पंडाल में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो इकबाल नजर आया. सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि इकबाल मस्जिद से कुरान की प्रति लेकर दुर्गा पूजा स्थल तक जाता है. बाद में उसे हनुमान की मूर्ति के पास रखकर निकल जाता है.
घरवाले बता रहे मानसिक बीमार
कोमिला के एसपी फारूक अहमद ने बुधवार को बताया कि आरोपी इकबाल हुसैन को अभी तक हिरासत में नहीं लिया गया है. दुर्गा पूजा पंडाल से शुरु हुई हिंसा के सिलसिले में कोमिला पुलिस ने चार मामले दर्ज किए थे, जिनमें 41 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. गिरफ्तार लोगों में से चार कथित तौर पर इकबाल हुसैन के सहयोगी हैं. 13 अक्टूबर को पुलिस ने 41 साल के मोहम्मद फैय्याज को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी. फैय्याज ने उस पूजा पंडाल से फेसबुक लाइव किया था, जहां कुरान रखी गई थी. उधर इकबाल की मां अमीना बेगम ने ढाका ट्रिब्यून से बातचीत में दावा किया कि वह ड्रग एडिक्ट है. लगभग 10 साल पहले कुछ पड़ोसियों ने उसके पेट में छुरा घोंप दिया था. उसके बाद वह मानसिक रूप से अस्थिर है. परिवार का कहना है कि किसी ने उकसाकर इकबाल से ये सब कराया है. पुलिस को ऐसा करने वालों को गिरफ्तार करना चाहिए. कोमिला वार्ड 17 के काउंसिलर सैयद सोहैल ने भी ढाका ट्रिब्यून से कहा कि किसी ने इकबाल की मानसिक समस्या का फायदा उठाकर उसका इस्तेमाल किया है. बता दें कि पूजा पंडाल में कुरान के कथित अपमान के बाद बांग्लादेश के कई जिलों में हिंसा भड़क गई थी. पूजा पंडालों को नुकसान पहुंचाने के अलावा हिंदुओं के दर्जनों घरों में तोड़फोड़ आगजनी की गई. इस हिंसा में अब तक 7 लोगों की मौत की खबर आ चुकी है. पुलिस ने 72 केस फाइल किए हैं और 450 से ज्यादा लोगों को अरेस्ट किया है.
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