इजरायल-अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है. अयातुल्ला की मौत के बाद दुनिया के कई हिस्सों में शोक और मातम का माहौल है. ईरान से लेकर भारत के जम्मू-कश्मीर तक लोग मातम मना रहे हैं. अयातुल्ला खामेनेई का पूरी दुनिया के शिया मुसलमानों के बीच एक बड़ा स्थान था. धार्मिक तौर पर शिया समुदाय उन्हें काफी फॉलो करता है. यही वजह है कि शियाओं में शोक का माहौल है.
इराक से लेकर भारत तक, अयातुल्ला खामेनेई की मौत पर क्या रिएक्शन हुआ?
Ayatollah Ali Khamenei Death: अली खामेनेई का पूरी दुनिया के शिया मुसलमानों के बीच एक बड़ा स्थान था. धार्मिक तौर पर शिया समुदाय उन्हें काफी ज्यादा फॉलो करता है. यही वजह है कि पूरी दुनिया के शियाओं में शोक का माहौल है.
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अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद ईरान की सेना, वहां की पॉलिटिकल लीडरशिप और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बदला लेने की बात कही है. इससे मिडिल-ईस्ट में और बड़े संघर्ष की संभावना बढ़ गई है.
ईरान के शहरों में पसरा मातम
ईरान के अलग-अलग शहरों में गम का माहौल है. राजधानी तेहरान से लेकर इस्फहान, कुम, मशहद, जनजान जैसे शहरों में खामेनेई समर्थक सड़कों पर उतर गए हैं. अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी हो रही है. केवल ईरान ही नहीं, पड़ोसी देश इराक और भारत में भी बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं.
इराक में मातम का माहौल
इराक में इस्लाम धर्म की बड़ी शख्सियतों में से एक हजरत इमाम हुसैन की दरगाह है. हजरत इमाम हुसैन का शिया समुदाय में बहुत ऊंचा दर्जा है. अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद लोग हजरत इमाम की दरगाह पर जुटने लगे हैं. लोग वहां आकर मातम मना रहे हैं. दरगाह पर आए सभी लोग भावुक हैं. क्योंकि अयातुल्ला खामेनेई न सिर्फ एक राजनीतिक बल्कि एक धार्मिक लीडर भी थे. शिया कम्युनिटी में उन्हें एक तरह से 'गार्जियन' का दर्जा दिया जाता था.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इराक की राजधानी बगदाद में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद लोग सड़कों पर उतर आए. ईरान के अलावा इराक में भी अयातुल्ला के समर्थक हैं. बगदाद में अमेरिकन दूतावास के सामने लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. खबरें हैं कि यहां दूतावास के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों से पुलिस की झड़प भी हुई है.
इसके साथ ही लेबनान, जो एक शिया बहुल देश है, वहां भी अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद शोक का माहौल है. लेबनान स्थित हथियारबंद ग्रुप हिजबुल्लाह भी उन्हें अपना रहनुमा मानता था. संभव है कि हिजबुल्लाह भी अब सीधे तौर पर इजरायल के ऊपर राकेट्स से हमला कर सकता है.
भारत में शोकअयातुल्ला खामेनेई के समर्थक भारत में भी बड़ी संख्या में हैं. यहां दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास में लगे झंडे को झुका दिया गया है. साथ ही जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश में लोग बड़ी संख्या में अयातुल्ला की मौत पर मातम मना रहे हैं. लोगों का कहना है कि रमजान के इस पवित्र महीने में अपने लीडर को खोना बहुत ही दर्दनाक है.
वीडियो: ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले को लेकर अन्य देशों ने क्या कहा?














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