"आज संसद में अमित शाह ने मुझसे Z कैटेगरी की सुरक्षा लेने के लिए कहा. मैं उनसे कहना चाहता हूं कि मेरी जिंदगी उन 22 लोगों से ज्यादा कीमती नहीं है, जिनकी CAA प्रोटेस्ट के दौरान मौत हो गई. मैं अपने चारों तरफ हथियारबंद लोगों को पसंद नहीं करता. मैं एक आजाद पंछी हूं, जो आजादी से रहना चाहता है."
शाह के Z सिक्योरिटी आग्रह को ठुकराते हुए ओवैसी ने CAA की बात क्यों की?
अमित शाह ने कहा था, ओवैसी सिक्योरिटी लें और सबकी चिंता दूर करें.
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बाएं से दाएं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी. (फोटो: PTI/ANI)
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस आग्रह को ठुकरा दिया है, जिसमें शाह ने उनसे सरकारी सुरक्षा लेने की बात कही थी. अमित शाह की तरफ से यह आग्रह 7 फरवरी को राज्यसभा में किया गया. उनके आग्रह पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने कहा,
इससे पहले अमित शाह ने राज्यसभा में ओवैसी पर मेरठ में हुए हमले के बारे में सरकार की तरफ से बयान दिया. उन्होंने बताया कि ओवैसी बीती 3 फरवरी को शाम साढ़े पांच बजे जनसंपर्क से वापस लौट रहे थे, तब दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनके ऊपर गोली चलाई. शाह ने यह भी बताया कि इस घटना को तीन गवाहों ने देखा है और पिलखुवा में FIR भी दर्ज हुई. शाह ने आगे कहा कि मामले की जांच की जा रही है.
'हमारी चिंता दूर करें ओवैसी'
अपने बयान में अमित शाह ने बताया कि मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से अनधिकृत पिस्तौल और एक कार बरामद की गई है. शाह के मुताबिक, फॉरेंसिक टीम कार और घटनास्थल की जांच कर रही है. अमित शाह ने आगे कहा कि हापुड़ में ओवैसी का कोई कार्यक्रम नहीं था और ना ही उनके रूट की जानकारी जिला प्रशासन को मिली थी. अमित शाह ने कहा कि इस घटनाक्रम के बाद ओवैसी की सुरक्षा का मूल्यांकन किया गया और उन्हें Z कैटेगरी की सुरक्षा देने की तैयारी की गई. हालांकि, उन्होंने सुरक्षा लेने से मना कर दिया. शाह ने राज्यसभा में कहा कि वो सदन के माध्यम से ओवैसी से विनती करते हैं कि वो तत्काल प्रभाव से सुरक्षा ले लें और सबकी चिंता का समाधान करें. इससे पहले तीन फरवरी को ओवैसी की गाड़ी पर तब हमला हुआ था, जब वो मेरठ से जनसभा के बाद लौट रहे थे. ओवैसी की गाड़ी पर हापुड़ टोल प्लाजा पर हमला हुआ था. हमलावरों ने तीन से चार गोलियां चलाई थीं. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था. आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया था कि वो बहुत पहले से ही ओवैसी पर हमला करने की योजना बना रहे थे. इस हमले के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने ओवैसी को सुरक्षा देने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया था.
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