इस बीच किरण गोसावी की कुछ नई तस्वीरें सामने आई हैं. इनमें वो समीर वानखेड़े के साथ दिखाई दे रहा है. इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक ये तस्वीरें 3 अक्टूबर को क्रूज पर हुई छापेमारी से जुड़ी हैं.

तस्वीरें- तनसीम हैदर/आजतक


"मेरे बॉडीगार्ड प्रभाकर सैल ने जिस तरीके से बातें की हैं कि 25 करोड़ और कुछ फ्लाइट की बातें, इनमें कोई सच्चाई नहीं है. मैं तो बोलूंगा कि प्रभाकर का मोबाइल लोकेशन और उसके रिकॉर्ड चेक करिए. जो-जो दलीलें दी उसने हैं, उनको चेक करिए. इसके साथ दो और भी लोग थे, जिन्होंने जबरदस्ती वीडियो शूट कराया है. इसके बाद प्रभाकर के पास ऑफर भी आया है. कुछ पैसे प्रभाकर सैल को दिए गए हैं नवाब मलिक के जरिए. इसमें उनके बड़े और छोटे भाई शामिल हैं. इसमें उनको 2BHK का फ्लैट मिलने वाला है. मेरे और समीर वानखेड़े पर आरोप है तो हमारी भी इंक्वारी की जाए. लेकिन इन लोगों की भी इंक्वारी हो. मैं अपने साथ फोन को भी सरेंडर कर रहा हूं जो भी चीजें हैं, सामने आ जाएंगी."किरण गोसावी ने इस केस में गवाह बनाए जाने के बाद से फरार होने को लेकर सफाई दी है. कहा कि उसे जान का खतरा था, फोन पर लगातार धमकियां मिल रही थीं. पुलिस के सामने सरेंडर करने को लेकर किरण गोसावी ने कहा है,
"6 अक्टूबर से मैं छिपा-छिपा घूम रहा हूं. 3 अक्टूबर से लेकर 6 अक्टूबर तक मुझे धमकी भरे फोन आए. 6 तारीख को पुणे में मेरा एक पुराना केस ओपन हो गया, 420 का. उस केस को लेकर जब मैं पुणे जा रहा था तो मुझे फोन आया. बोला गया कि तुम अरेस्ट भी हो जाओगे तब भी तुमको हेल्प नहीं मिलेंगी तुम को छोड़ेंगे नहीं. ऐसे में सरेंडर होने का भी कोई मतलब नहीं था. पुलिस स्टेशन जाओ, लेकिन वहां भी प्रॉब्लम है. अपनेआप को बचाने के लिए मैं छिप गया. 8 से 10 लोगों के फोन आ रहे हैं. जिसमें लगातार धमकी मिल रही है. बोला जा रहा है कि आपने आर्यन को फंसाया है. जो भी मैंने लिख कर दिया है वो सारी चीजें मैं कोर्ट में बोलूंगा. पुणे में मेरा एक केस चालू है. उस केस में सरेंडर होना चाहता हूं."
"आर्यन खान के साथ मेरी सेल्फी आने से मेरा नाम इस केस में हाईलाइट हुआ. उसी रात से मुझे काफी टॉर्चर वाले फोन आ रहे थे. फोन इस तरीके से आ रहे थे कि अगर तुमने गवाही दी तो ये करेंगे वो करेंगे. कुछ ऑफर वाले फोन भी आए. जब मैं पुलिस स्टेशन में सरेंडर हो रहा था तब मैं डर गया था कि ये बात भी लोगों को पता है. मेरे कॉल रिकॉर्ड और फोन ट्रेस किए जा रहे थे इसलिए मैंने फोन स्विच ऑफ कर दिया. मैंनेअपने आप को हाइड कर लिया. मैं महाराष्ट्र में था. बाद में लखनऊ तक पहुंचा... नजदीक मड़ियाओं पुलिस स्टेशन में सरेंडर करना चाहता हूं. मैं ओपन नहीं घूम सकता. मुझे डर है कि ये मेरी किडनैपिंग करने के बाद मुझसे कुछ अलग चीजें बुलवा सकते हैं. मैं मरने से नहीं डरता. मैं सरेंडर करूंगा."
"मैंने सहर पुलिस स्टेशन में कंप्लेंट की है. गोसावी को सरेंडर करने दीजिए, उसके बाद मैं फिर बोलूंगा."बता दें कि प्रभाकर के आरोपों के बाद एनसीबी ने वानखेड़े के खिलाफ विजिलेंस इंक्वारी शुरू कर दी है. इस सिलसिले में एनसीबी की पांच सदस्यीय टीम कल मुंबई जाएगी. एनसीबी के डीडीजी ज्ञानेश्वर सिंह की अगुवाई में ये टीम आरोपों की जांच करेगी. इस बीच पुणे पुलिस की टीमें किरण गोसावी को गिरफ्तार करने के लिए उत्तर प्रदेश निकल गई हैं.
