खैर ये तो हुआ मजाक. लेकिन पिछले दिनों आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कुछ ब्लंडर मिस्टेक्स की हैं. केजरीवाल का तो लगता है एकाउंट ही हैक हो गया है. किसी को भी उठाकर रिट्वीट कर दे रहे हैं. भले अगला वेरिफाइड हो या न हो. उसकी कोई क्रेडिबिलिटी हो कि न हो. बस दे दनादन रिट्वीट. पहला नमूना ये देखो. इसमें कैप्शन लिखा है कि कानपुर रेल हादसे में घायल हुए बच्चे हैं. इसे रिट्वीट करें ताकि अपने मां बाप को मिल जाएं. ये तस्वीर सीरियन बच्चों की है. वहां आतंकवाद अपने शबाब पर है. जिंदा नरक हो रखी है वहां पर जिंदगी.
दूसरा नमूना. ये तस्वीर अभिषेक मिश्रा नाम के ट्विटर हैंडल से शेयर की गई. ये एकाउंट वेरिफाइड है. अभिषेक यूट्यूब का पहचाना हुआ नाम है. उसने भी बिना कोई छान बीन किए कैप्शन दे डाला. निशाने पर लिया नोट बंदी को. कहा कि बैंक की लाइन में लगा था लड़का. पैसा नहीं मिला तो फांसी झूल गया.
केजरीवाल ने इसे रिट्वीट कर दिया था. जोरदार कैप्शन के साथ.
असलियत ये थी.
इसके पहले जब नोटबंदी बिल्कुल नई थी. अफवाहें चल रही थी कि बीजेपी नेताओं को पहले से पता था इसके बारे में. तो किसी ने ट्वीट किया ये फोटो. जिसमें लड़की खड़ी है नए नोटों की गड्डियां लेकर. लिखा था कि ये यूपी बीजेपी अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या की बेटी है. जबकि उनके कोई बेटी है ही नहीं. कुमार विश्वास ने उसे रिट्वीट कर दिया. हालांकि बाद में उसे हटा भी दिया. लेकिन इत्ती देर में तो बवाल हो जाता है.
तो फिसलना नहीं चाहिए. थोड़ा टाइम खर्च करो. डगर राजनीति की आसान नहीं है. घुड़दौड़ करने की जरूरत क्या है भाई? E-प्रॉपर्टी पासबुक धोखा है, बेवकूफ न बनो मौका है













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